CG NEWS:फिल्टर प्लांट में बड़ा खुलासा! बिना पर्याप्त शुद्धिकरण सामग्री के सप्लाई हुआ पानी, CMO ने माना रिकॉर्ड में गड़बड़ी

रायपुर न्यूज। छत्तीसगढ़ के गोबरा नवापारा नगर में पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। कांग्रेस पार्षदों के औचक निरीक्षण में जल शुद्धिकरण केंद्र (फिल्टर प्लांट) में फिटकरी और ब्लीचिंग पाउडर का स्टॉक खत्म मिलने का दावा किया गया। निरीक्षण के बाद मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) ने भी स्टॉक रजिस्टर में अनियमितता स्वीकार करते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही है।
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औचक निरीक्षण में सामने आई बड़ी लापरवाही
गोबरा नवापारा नगर में लगातार दूषित और मटमैले पानी की शिकायतों के बीच कांग्रेस पार्षदों ने सोमवार को फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पार्षदों ने स्टॉक रूम और रोजनामचा रजिस्टर की जांच की, जिसमें पानी शुद्ध करने के लिए जरूरी फिटकरी और ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध नहीं होने का दावा किया गया।
13 जुलाई के बाद नहीं हुई स्टॉक की एंट्री
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि स्टॉक रजिस्टर में 13 जुलाई 2026 के बाद किसी नई सामग्री की एंट्री दर्ज नहीं की गई। पार्षदों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त रासायनिक उपचार के बिना ही नगरवासियों तक पेयजल पहुंचाया जा रहा है।
बारिश के मौसम में बढ़ा स्वास्थ्य का खतरा
पार्षदों ने कहा कि बारिश के दौरान नदी और अन्य जल स्रोतों का पानी अधिक मटमैला हो जाता है। ऐसे समय में पानी के शुद्धिकरण के लिए अधिक मात्रा में फिटकरी और ब्लीचिंग पाउडर की आवश्यकता होती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो डायरिया, पीलिया और टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
आंदोलन की चेतावनी
निरीक्षण में शामिल कांग्रेस पार्षदों ने नगरपालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
CMO ने मानी रिकॉर्ड में गड़बड़ी
मुख्य नगरपालिका अधिकारी लवकेश पैकरा ने स्वीकार किया कि 13 जुलाई के बाद स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट नहीं किया गया। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और पूरे मामले की जांच कराने की बात कही।
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नागरिकों में बढ़ी चिंता
घटना के बाद नगरवासियों ने स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में प्रशासन को पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचा जा सके।












