Aakash Waghmare
1 Feb 2026
Manisha Dhanwani
1 Feb 2026
Shivani Gupta
1 Feb 2026
डिजिटल डेस्क। केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने अर्थव्यवस्था के लगभग हर अहम क्षेत्र को छूते हुए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है। किसानों, बुनकरों, छात्रों, छोटे करदाताओं, दिव्यांगजनों और उद्यमियों से लेकर सेमीकंडक्टर, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रणनीतिक सेक्टर तक बजट में बड़े फैसले लिए गए हैं। इसके अलावा भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों के लिए निवेश के नए अवसर खोले गए हैं।
सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 की सफलता के बाद सरकार इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू करेगी। इसका फोकस उपकरण और सामग्री निर्माण, पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा (आईपी) विकास और सप्लाई चेन को सशक्त करना होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए किया गया है।
भारत को वैश्विक जैव-फार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ बायो फार्मा शक्ति परियोजना का प्रस्ताव किया गया है। अगले पांच वर्षों में इस पर 10,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत जैविक और जैव-सदृश दवाओं के घरेलू उत्पादन के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा। इसके साथ ही देशभर में 1,000 मान्यता प्राप्त परीक्षण स्थलों का नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
उच्च मूल्य और तकनीक-आधारित निर्माण को मजबूत करने के लिए एक नई योजना लाई जाएगी। इसमें अग्निशमन उपकरण, लिफ्ट और सुरंग खोदने वाली मशीनों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों (PROI) को सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की अनुमति दी जाएगी। इस योजना के तहत निवेश सीमा को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास के लिए बजट 2026-27 में 10,000 करोड़ रुपए का एक समर्पित कोष प्रस्तावित किया गया है। इसका उद्देश्य रोजगार सृजन और चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहन देना है।
छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया के जरिए कम या शून्य कटौती प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी। साथ ही डिपॉजिटरी को फॉर्म 15G और 15H स्वीकार कर संबंधित कंपनियों तक सीधे पहुंचाने का प्रावधान किया गया है।
वस्त्र क्षेत्र के लिए पांच घटकों वाला एक एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें नेशनल फाइबर स्कीम, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना और राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम शामिल हैं। इसका मकसद आत्मनिर्भरता, क्लस्टर आधुनिकीकरण और बुनकर-कारीगरों को लक्षित समर्थन देना है।
दिव्यांगजन कौशल योजना के जरिए उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि दिव्यांग सहारा योजना के तहत एल्मिको को सहायक उपकरण निर्माण, आरएंडडी और एआई एकीकरण के लिए सहायता मिलेगी।
पर्यावरण-अनुकूल कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए डंकुनी से सूरत तक नया डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर बनेगा। अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग शुरू होंगे, जिनमें नेशनल वॉटर-वे 5 प्रमुख है। वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम भी विकसित किया जाएगा।
खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को नया जीवन देने के लिए सरकार ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल इकोसिस्टम के विकास के लिए प्रस्तावित पार्कों का चयन ‘चैलेंज मोड’ के जरिए किया जाएगा। इस पहल के तहत खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा। साथ ही ओडीओपी योजना को मजबूती मिलेगी और बुनकरों को आधुनिक तकनीक व बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
पशु-चिकित्सा क्षेत्र में पेशेवरों की संख्या बढ़ाने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना लाई जाएगी। इसका उद्देश्य पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देना है।