🌤️
--Raipur, India

CG NEWS:छत्तीसगढ़ में MBBS-BDS एडमिशन का पुराना सिस्टम बरकरार! इस साल भी नहीं होगी कॉमन काउंसलिंग।

NEET UG 2026 के अभ्यर्थियों को फिर दोहरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। ऑल इंडिया कोटे की काउंसलिंग दिल्ली से, जबकि स्टेट, मैनेजमेंट और NRI सीटों की काउंसलिंग राज्य स्तर पर होगी। MBBS और BDS में प्रवेश के लिए इस वर्ष भी अलग-अलग काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऑल इंडिया कोटे की सीटों की काउंसलिंग दिल्ली स्तर पर होगी, जबकि स्टेट, मैनेजमेंट और NRI कोटे की सीटों का आवंटन राज्य चिकित्सा शिक्षा विभाग करेगा।
Follow on Google News
छत्तीसगढ़ में MBBS-BDS एडमिशन का पुराना सिस्टम बरकरार! इस साल भी नहीं होगी कॉमन काउंसलिंग।

RAPUR NEWS । NEET UG के जरिए MBBS और BDS में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए इस बार भी राहत की खबर नहीं है। प्रदेश में कॉमन काउंसलिंग सिस्टम लागू होने की संभावना बेहद कम है। ऐसे में छात्रों को पहले की तरह ऑल इंडिया और स्टेट कोटे की सीटों के लिए अलग-अलग काउंसलिंग प्रक्रिया अपनानी होगी। वहीं, पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी नहीं मिलने से 250 नई MBBS सीटों का सपना भी फिलहाल अधूरा रह गया है।

यह भी पढ़ें: CG NEWS: हिट एंड रन के बाद पुलिस को रौंदने निकला ट्रक चालक गिरफ्तार, बैरिकेड तोड़कर भागा,आज कोर्ट में होगी पेशी

कॉमन काउंसलिंग पर फिर लगा ब्रेक

छत्तीसगढ़ में MBBS और BDS में प्रवेश के लिए इस वर्ष भी अलग-अलग काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऑल इंडिया कोटे की सीटों की काउंसलिंग दिल्ली स्तर पर होगी, जबकि स्टेट, मैनेजमेंट और NRI कोटे की सीटों का आवंटन राज्य चिकित्सा शिक्षा विभाग करेगा। इससे छात्रों को दो अलग-अलग प्रक्रियाओं में शामिल होना पड़ेगा।

NIC को मिल सकती है काउंसलिंग की जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार इस वर्ष भी राज्य स्तरीय काउंसलिंग की जिम्मेदारी नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) को सौंपी जा सकती है। विभाग जल्द ही काउंसलिंग शेड्यूल और पोर्टल की घोषणा कर सकता है।

यह भी पढ़ें: CG NEWS: छत्तीसगढ़ में अब मिलेगी फ्रेश क्राफ्ट बीयर, सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी को दी मंजूरी, 10 लाख में मिलेगा लाइसेंस।

चार साल पहले बनी थी योजना, अब तक नहीं हुई लागू

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने करीब चार वर्ष पहले पूरे देश में एकीकृत कॉमन काउंसलिंग सिस्टम लागू करने की योजना बनाई थी। इसका उद्देश्य ऑल इंडिया, स्टेट, मैनेजमेंट और NRI समेत सभी सीटों का एक ही प्लेटफॉर्म से आवंटन करना था। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों ने इस प्रस्ताव पर सहमति भी दी थी, लेकिन अब तक यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है।

देश की सिर्फ 1.97% MBBS सीटें छत्तीसगढ़ में

देशभर में MBBS की 1.18 लाख से अधिक सीटें उपलब्ध हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में कुल 2,330 सीटें ही हैं। यानी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की हिस्सेदारी मात्र 1.97 प्रतिशत है। वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।

यह भी पढ़ें: CG NEWS: CGMSC ऑडिट में 1136 करोड़ का हिसाब गायब! दवा खरीदी, मेडिकल उपकरण और निर्माण कार्य में भारी वित्तीय गड़बड़ी उजागर।

5 नए मेडिकल कॉलेज अटके, 250 सीटें बढ़ने का सपना टूटा

राज्य सरकार ने कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी में पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भेजा था। प्रत्येक कॉलेज में 50 MBBS सीटों का प्रस्ताव था, लेकिन NMC से मंजूरी नहीं मिलने के कारण कुल 250 नई सीटें नहीं बढ़ सकीं। यदि अनुमति मिल जाती तो प्रदेश में MBBS सीटों की संख्या 2,330 से बढ़कर 2,580 हो जाती।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

icon

Latest Posts