CG NEWS:छत्तीसगढ़ में MBBS-BDS एडमिशन का पुराना सिस्टम बरकरार! इस साल भी नहीं होगी कॉमन काउंसलिंग।

RAPUR NEWS । NEET UG के जरिए MBBS और BDS में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए इस बार भी राहत की खबर नहीं है। प्रदेश में कॉमन काउंसलिंग सिस्टम लागू होने की संभावना बेहद कम है। ऐसे में छात्रों को पहले की तरह ऑल इंडिया और स्टेट कोटे की सीटों के लिए अलग-अलग काउंसलिंग प्रक्रिया अपनानी होगी। वहीं, पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी नहीं मिलने से 250 नई MBBS सीटों का सपना भी फिलहाल अधूरा रह गया है।
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कॉमन काउंसलिंग पर फिर लगा ब्रेक
छत्तीसगढ़ में MBBS और BDS में प्रवेश के लिए इस वर्ष भी अलग-अलग काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऑल इंडिया कोटे की सीटों की काउंसलिंग दिल्ली स्तर पर होगी, जबकि स्टेट, मैनेजमेंट और NRI कोटे की सीटों का आवंटन राज्य चिकित्सा शिक्षा विभाग करेगा। इससे छात्रों को दो अलग-अलग प्रक्रियाओं में शामिल होना पड़ेगा।
NIC को मिल सकती है काउंसलिंग की जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार इस वर्ष भी राज्य स्तरीय काउंसलिंग की जिम्मेदारी नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) को सौंपी जा सकती है। विभाग जल्द ही काउंसलिंग शेड्यूल और पोर्टल की घोषणा कर सकता है।
चार साल पहले बनी थी योजना, अब तक नहीं हुई लागू
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने करीब चार वर्ष पहले पूरे देश में एकीकृत कॉमन काउंसलिंग सिस्टम लागू करने की योजना बनाई थी। इसका उद्देश्य ऑल इंडिया, स्टेट, मैनेजमेंट और NRI समेत सभी सीटों का एक ही प्लेटफॉर्म से आवंटन करना था। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों ने इस प्रस्ताव पर सहमति भी दी थी, लेकिन अब तक यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है।
देश की सिर्फ 1.97% MBBS सीटें छत्तीसगढ़ में
देशभर में MBBS की 1.18 लाख से अधिक सीटें उपलब्ध हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में कुल 2,330 सीटें ही हैं। यानी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की हिस्सेदारी मात्र 1.97 प्रतिशत है। वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
5 नए मेडिकल कॉलेज अटके, 250 सीटें बढ़ने का सपना टूटा
राज्य सरकार ने कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी में पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भेजा था। प्रत्येक कॉलेज में 50 MBBS सीटों का प्रस्ताव था, लेकिन NMC से मंजूरी नहीं मिलने के कारण कुल 250 नई सीटें नहीं बढ़ सकीं। यदि अनुमति मिल जाती तो प्रदेश में MBBS सीटों की संख्या 2,330 से बढ़कर 2,580 हो जाती।












