Raipur:सरकारी दफ्तरों पर 3035 करोड़ बिजली बिल बकाया, 39 ऑफिसों की बिजली कटी

प्रेम कुमार,रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का भारी-भरकम बकाया अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जून 2026 तक विभिन्न सरकारी विभागों के 1.57 लाख से ज्यादा बिजली कनेक्शनों पर 3035.37 करोड़ बकाया है। बकाया वसूली को लेकर अब पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने सख्ती शुरू कर दी है। वहीं, 1 अगस्त 2026 यानि आज से ही ब्लॉक स्तर और उससे ऊपर के सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू कर दी गई है।
सरकारी विभागों पर 3035 करोड़ का बिजली बिल बकाया
छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों पर बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। जून 2026 तक सरकारी विभागों के 1,57,341 कनेक्शनों पर कुल 3035.37 करोड़ बिजली बिल लंबित है। इस बकाया राशि का करीब 85 फीसदी हिस्सा नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ा है।
नगरीय निकाय सबसे बड़े बकायेदार
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के 19,060 कनेक्शनों पर 1525.18 करोड़ का बकाया दर्ज है। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 57,075 कनेक्शनों पर 1057.56 करोड़ बिजली बिल बाकी है।इन दोनों विभागों पर कुल मिलाकर 2582.74 करोड़ का बकाया है।
बकाया वसूली के लिए अब कनेक्शन काटने की कार्रवाई
बिजली बिल की वसूली को लेकर पावर कंपनी ने सरकारी विभागों पर दबाव बढ़ा दिया है। नगरीय निकायों से जुड़े स्ट्रीट लाइट, पानी की टंकियों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू की गई है। बिलासपुर नगर निगम में भी हाल ही में कुछ कनेक्शन काटे गए। वहीं हाउसिंग बोर्ड पर बकाया भुगतान को लेकर दबाव बनाए जाने के बाद कॉलोनियों के रहवासियों को पानी और सफाई शुल्क जमा करने के नोटिस जारी किए गए हैं।
65 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर
पावर कंपनी की ओर से प्रदेश में करीब 65 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हालांकि फिलहाल प्रीपेड व्यवस्था सभी उपभोक्ताओं पर लागू नहीं की गई है। वर्तमान में ब्लॉक स्तर और उससे ऊपर के सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिलिंग व्यवस्था लागू की गई है। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड व्यवस्था लागू करने को लेकर अभी निर्णय नहीं हुआ है।
Raipur: झीरम घाटी केस में फैसले से पहले कांग्रेस में हलचल,भूपेश बघेल ने NIA जांच पर उठाए सवाल
सरकारी दफ्तरों पर भी लागू बिजली कटौती के नियम
सरकारी विभाग और स्थानीय निकाय भी बिजली कंपनी के सामान्य उपभोक्ताओं की तरह ही माने जाते हैं। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर इनके खिलाफ विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 56 और छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड के अध्याय-10 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। नियत तारीख तक बिल का भुगतान नहीं होने पर 15 दिन का नोटिस देकर कनेक्शन अस्थायी रूप से काटा जा सकता है। इसके लिए अलग से किसी आदेश की आवश्यकता नहीं होती।
चार किस्तों में चुकाना होगा पुराना बकाया
पुराने बिजली बिल के भुगतान के लिए नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने सभी निकायों को बकाया राशि चार समान किस्तों में जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निकायों को प्रीपेड मीटर का नियमित रिचार्ज कराने के लिए कहा गया है। हर महीने की 5 तारीख तक सूडा को रिचार्ज, बकाया भुगतान और निर्देशों के पालन की जानकारी देनी होगी।
कोंडागांव में 39 सरकारी दफ्तरों की बिजली कटी
बिजली बिल भुगतान में लापरवाही को लेकर कोंडागांव में भी बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के टाउन सेक्टर के सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों पर करीब 7 करोड़ 33 लाख 82 हजार बिजली बिल बकाया है। इसमें अकेले नगरपालिका कोंडागांव पर करीब ₹5.2 करोड़ का बकाया बताया गया है।
पुलिस, कोर्ट समेत कई सरकारी कार्यालय कार्रवाई की जद में
लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण कोंडागांव में अब तक 39 सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों के बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं। कार्रवाई की जद में जल संसाधन, राजस्व, पुलिस, वन, परिवहन, कृषि, न्यायालय, लोक निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदिम जाति विकास और पंचायत विभाग समेत कई सरकारी कार्यालय शामिल हैं।
Bilaspur: बिलासपुर में बवाल के बाद लौटी रफ्तार, 9 उपद्रवी जेल भेजे, पुलिस ने जारी किया WhatsApp नंबर
पानी और स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन फिलहाल सुरक्षित
बिजली विभाग ने आम लोगों की परेशानी को देखते हुए फिलहाल पानी सप्लाई करने वाले पंप हाउस और स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन चालू रखे हैं। हालांकि बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर आने वाले दिनों में इन कनेक्शनों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
Janjgir Champa : दो भाइयों का जमीन विवाद बना खूनी जंग, लाठी-डंडों से हमला,महिला की मौत
बड़ी बात क्या है?
सरकारी विभागों पर हजारों करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। अब प्रीपेड व्यवस्था के साथ-साथ पुराने बकाये की वसूली के लिए भी बिजली कंपनी ने सख्त रुख अपना लिया है। कोंडागांव में 39 सरकारी कनेक्शन काटे जाने के बाद दूसरे जिलों में भी कार्रवाई तेज होने के संकेत हैं। CSPDCL के एमडी भीम सिंह कंवर के अनुसार, अगस्त से ब्लॉक और उससे उच्च स्तर के सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिलिंग लागू है। बकाया वसूली के लिए विभागों को पत्र भेजे गए हैं। सार्वजनिक सुविधाएं प्रभावित होने की आशंका के कारण सरकारी कनेक्शन सामान्य तौर पर नहीं काटे जाते थे, जिसके चलते बकाया बढ़ता गया।




















