डुंडाखापा में नशामुक्ति चौपाल, अवैध शराब और घरेलू हिंसा पर सख्ती की मांग

सोहागपुर। ग्राम डुंडाखापा में नशामुक्ति को लेकर चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीण क्षेत्र को शराब और अन्य नशे की समस्या से मुक्त कराने के उपायों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए इससे होने वाली सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को लेकर जागरूक किया। चौपाल में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डॉ. बबीता राठौर और टीआई गिरीश त्रिपाठी ने ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने नशे के कारण होने वाले स्वास्थ्य, आर्थिक और सामाजिक नुकसान के बारे में समझाइश दी। साथ ही ग्रामीणों से गांव को नशामुक्त बनाने के लिए सुझाव भी लिए।
अवैध शराब बनाने और बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग
चौपाल में सोमनाथ मजदूर आदिवासी संगठन की ओर से नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सुझाव रखा गया। संगठन का कहना था कि यदि गांव में कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब बनाते या बेचते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में अपने परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट करता है या घरेलू हिंसा करता है, तो ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
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सरकारी योजनाओं के लाभ की समीक्षा का सुझाव
संगठन के संयोजक राजकुमार रघुवंशी ने सुझाव दिया कि लगातार अवैध शराब के कारोबार या नशे से जुड़े मामलों में शामिल पाए जाने वाले लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिए जाने की भी नियमानुसार समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शराब और अन्य नशे की वजह से कई परिवारों में विवाद की स्थिति पैदा होती है। इसके साथ घरेलू हिंसा, आर्थिक नुकसान और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ती हैं। ऐसे में केवल कार्रवाई के बजाय गांव स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
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सामूहिक प्रयास से नशामुक्ति पर जोर
चौपाल में ग्रामीणों ने कहा कि गांव को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन के साथ समाज की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है। ग्रामीण स्तर पर लोगों को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करने के साथ अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की बात कही गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि गांव में अवैध शराब या नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दें। सूचना मिलने पर कानून के दायरे में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने भी नशे के खिलाफ प्रशासन का सहयोग करने और गांव में जागरूकता बढ़ाने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों और ग्रामीणों की इस पहल का उद्देश्य गांव में नशे से जुड़ी सामाजिक समस्याओं को कम कर एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण तैयार करना है।




















