
नई दिल्ली। भोजपुरी और मैथिली लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन हो गया है। वह दिल्ली के एम्स में कुछ दिनों से भर्ती थीं। भर्ती होने के दौरान ही महापर्व छठ के आरंभ होने से 4 दिन पूर्व उन्होंने छठ गीत दुखवा मिटाई छठी मैया, रऊए आसरा हमार.. जारी किया था। एम्स अस्पताल से ही उनके बेटे ने गीत को इंटरनेट मीडिया पर जारी कर लोगों को छठ की शुभकामना दी थी। निधन पर बेटे अंशुमान ने कहा कि मां को छठी मईया ने अपने पास बुला लिया है। मां अब शारीरिक रूप में हम सब के बीच नहीं रहीं।
कई सम्मान मिले : उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार ने शारदा सिन्हा को 1991 में प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था। 2000 में शारदा सिन्हा को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2006 में राष्ट्रीय अहिल्याबाई देवी सम्मान। 2018 में मोदी की सरकार ने उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया।
ये हैं टॉप-10 गाने
- रामजी से पूछे जनकपुर के नारी
- केलवा के पात पर उगेलन सुरज देव
- कांचहि बांस के बहंगिया
- आन दिन उगइ छ हो दीनानाथ
- कहे तोसे सजना तोहरी सजनिया
- बाबुल जो तूने सिखाया जो तुमसे पाया
- तार बिजली से पतले हमारे पिया
- अंगना में पोखरी खनाएब छठी मैया
- जय जय भैरवी असुर भयाविनी
- जगदम्बा घर में दीयरा बार ऐनी हे
बिहार कोकिला के रूप में प्रसिद्ध गायिका डॉक्टर शारदा सिन्हा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। – द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति
शारदा सिन्हा जी के गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत बेहद लोकप्रिय रहे। आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज सदैव बनी रहेगी। – नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
बिहार कोकिला शारदा सिन्हा मशहूर लोक गायिका थी। उनके निधन से संगीत के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। – नीतीश कुमार, सीएम, बिहार
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