चंद्रशेखर आजाद का अनशन खत्म...पूर्व गर्लफ्रेंड बोलीं- 'निकल गई हवा', पीएम के सामने 2 बड़ी शर्तें भी रखी

नई दिल्ली / उत्तर प्रदेश। शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल के बाद नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी अपना अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर सरकार से छात्रों की मांगों को पूरा करने की अपील की है। आजाद ने मोदी को 15 दिन का समय देते हुए कहा कि पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा। साथ ही पुलिसकर्मियों द्वारा युवाओं पर लाठीचार्ज पर कार्रवाई करने की बात कही।
आप जो कानून लाना चाहते है लाइए : आजाद
सांसद ने आगे छात्रों और उनके अभिभावकों के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैसेज पर कहा कि आप जो भी कानून संसद में लाना चाहते लाइए, आप को कोई नहीं रोक रहा। लेकिन सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा साथ ही उन्होंने कहा कि जिन बच्चों पर लाठियां चलाने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हो। आजाद ने कड़े लहजे में कहा कि इन मांगों को नहीं माना गया तो देशभर में विरोध होगा।
चंद्रशेखर आजाद ने पीएम के सामने रखी 2 बड़ी शर्तें
पहली शर्त
नगीना सांसद ने कहा कि मैंने पीएम मोदी का फेसबुक लाइव सुना है, उसमें नीट पेपर लीक पर बाच हो रही थी। आपको युवाओं की हर एक मांगों को सुनना होगा। आप चाहें इस पर कल माने, परसो या आपको 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने आगे कहा कि देश के पीएम चाहे प्यार से मान लें या नाराज होकर मानें पर उन्हें अपनी शर्तें माननी होगी, इसके अलावा उन्होंने पीएम के फास्ट ट्रैक कोर्ट बनवाने पर कहा कि आपको कौन रोक रहा है। इसे तुरंत लाइए लेकिन सवाल यहीं है इसे लागू कैसे और कौन करेगा।
दूसरी शर्त
शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार के लिए पीएम पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगे। और जिन पुलिसकर्मियों ने विभिन्न बच्चों को लहूलहुान किया, बहनों और लड़कियों पर लाठियां मारी उन पर उचित दंडात्मक कार्रवाई हो। ये बात भी आपको जरूर माननी होगी। क्योंकि परीक्षा पॉलिसी में सुधार ही छात्रों के विश्वास को बनाए रखने का रास्ता है।
केंद्र को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
चंद्रशेखर ने अपने वीडियो में यह भी कहा कि मैं पिछले तीन दिन से सोया नहीं हूं। लेकिन बहुत जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि आपको बच्चों की सभी मांगों को मानना पड़ेगा। तभी जाकर युवाओं में विश्वास बनना शुरू होगा। जितने भी साथियों ने देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन किया है आपके संघर्ष की बदौलत में है क्योंकि आप बोलने लगे हैं। संघर्ष जारी रखिए 25 तारीख आपके सामने है जिला कार्यालयों पर जोरदार कार्यक्रम होना चाहिए। युवाओं का भविष्य सबसे कीमती है और उसे बर्बाद नहीं होने देंगे।
पूर्व गर्लफ्रेंड बोली- निकल गई हवा
उनके धरना खत्म करने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रोहिणी घावरी ने वीडियो जारी कर उन पर निशाना साधा। वीडियो में कहा निकल गई हवा, डॉ. रोहिणी घावरी ने कहा कि चंद्रशेखर सिर्फ दिखावे की राजनीति कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में जाकर उन्होंने ऐसा बयान दिया जिससे माहौल बिगड़ा और बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। रोहिणी ने यह भी कहा कि अगर वे सच में छात्रों के साथ थे तो पुलिस कार्रवाई के समय वहां डटे रहते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अनशन तुम्हारे बस की बात नहीं, तुम वहां पर पराठे खा रहे थे।" रोहिणी ने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगने की बात कही तो चंद्रशेखर धरने से उठ गए।
कौन है डॉ. रोहिणी घावरी
डॉ. रोहिणी घावरी मूल रूप से इंदौर की रहने वाली हैं। मध्य प्रदेश सरकार की फेलोशिप के तहत उन्हें स्विट्जरलैंड में पढ़ाई का अवसर मिला, जहां से उन्होंने पीएचडी की। इसके बाद उन्होंने 'जनपॉवर' नाम से एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) की शुरुआत की। फिलहाल वह स्विट्जरलैंड में रहती हैं। हाल के दिनों में छात्र आंदोलन और चंद्रशेखर को लेकर दिए गए उनके बयानों की वजह से दोनों के बीच विवाद चर्चा में है।











