CG NEWS:CGPSC घोटाला: आज ED कोर्ट में पेश होंगे टामन सोनवानी, 5 दिन की रिमांड खत्म; मनी ट्रेल और भर्ती हेराफेरी पर बड़ा खुलासा संभव

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) गुरुवार को विशेष PMLA कोर्ट में पेश करेगा। पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए नई रिमांड या न्यायिक अभिरक्षा की मांग कर सकती है। ईडी का दावा है कि पूछताछ के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित हेराफेरी, मनी ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
CGPSC घोटाले में आज बड़ा दिन
रायपुर में आज ED CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश करेगा। 25 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद मिली पांच दिन की रिमांड समाप्त हो चुकी है। अब अदालत तय करेगी कि उन्हें दोबारा ईडी की रिमांड पर भेजा जाए या न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाए।
ED का दावा- मिले डिजिटल साक्ष्य
ईडी के मुताबिक जांच के दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं, जिनसे भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और अवैध आर्थिक लेन-देन के संकेत मिले हैं। एजेंसी का कहना है कि इन दस्तावेजों से जांच को नई दिशा मिली है।
भर्ती नियम बदलने का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि वर्ष 2021 में CGPSC भर्ती नियमों में परिवार की परिभाषा में बदलाव किया गया। इससे हितों के टकराव (Conflict of Interest) से जुड़े प्रावधान कमजोर हुए और रिश्तेदारों के चयन का रास्ता आसान हुआ।
पूछताछ में जवाब छिपाने का आरोप
ईडी का कहना है कि पीएमएलए की धारा-50 के तहत पूछताछ के दौरान टामन सिंह सोनवानी ने कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं और जांच में पूरा सहयोग नहीं किया।
मनी ट्रेल की तलाश में ED
ईडी के अनुसार कथित अपराध से अर्जित रकम का कुछ हिस्सा नकद में लिया गया, जबकि बाकी रकम बैंकिंग चैनलों और लेयरिंग के जरिए इधर-उधर भेजी गई। एजेंसी अब इस पूरे मनी ट्रेल और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
EOW, ACB और CBI जांच के बाद ED की एंट्री
यह मनी लॉन्ड्रिंग केस EOW-ACB की एफआईआर और बाद में CBI जांच के आधार पर दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षा में कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही हैं।
पेपर लीक और रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप
ईडी का आरोप है कि टामन सिंह सोनवानी ने कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर प्रश्नपत्र लीक कराने और कथित अवैध लाभ लेकर चयन प्रक्रिया में हेराफेरी की। एजेंसी का दावा है कि इसका उद्देश्य रिश्तेदारों और पसंदीदा अभ्यर्थियों का डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित अन्य सरकारी पदों पर चयन सुनिश्चित करना था।
कारोबारी परिवार भी जांच के घेरे में
जांच एजेंसियों के अनुसार रायपुर के एक कारोबारी के बेटे और बहू के कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र के आधार पर परीक्षा की तैयारी करने की भी जांच की जा रही है। इस पहलू पर भी ईडी साक्ष्य जुटा रही है।
अदालत के फैसले पर टिकी निगाहें
आज कोर्ट में पेशी के दौरान ईडी आगे की पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है। वहीं अदालत का फैसला इस बहुचर्चित भर्ती घोटाले की जांच की दिशा तय करेगा।
नोट: ईडी द्वारा लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगा।












