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CG NEWS:CG UCC Bill Update: मानसून सत्र तक आ सकता है UCC, CM साय ने दिए बड़े संकेत

छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी तेज, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की कमेटी कर रही मसौदे पर काम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए गठित समिति विभिन्न सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर रही है। माना जा रहा है
CG UCC Bill Update: मानसून सत्र तक आ सकता है UCC, CM साय ने दिए बड़े संकेत

RAIPUR NEWS। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संकेत दिए हैं कि UCC पर गठित उच्चस्तरीय समिति मानसून सत्र तक अपना काम पूरा कर सकती है। इसके बाद प्रदेश में शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे पारिवारिक मामलों में एक समान कानून लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

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UCC पर सरकार की बढ़ी रफ्तार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए गठित समिति विभिन्न सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर रही है। माना जा रहा है कि विधानसभा के मानसून सत्र तक समिति अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है।

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क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड?

यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता ऐसा कानून है, जिसमें धर्म के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह सभी नागरिकों के लिए एक समान पारिवारिक नियम लागू होते हैं। इसमें विवाह, तलाक, संपत्ति, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे विषय शामिल होते हैं।

शादी और तलाक के नियम हो सकते हैं समान

UCC लागू होने के बाद सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह और तलाक से जुड़े नियम एक जैसे हो सकते हैं। इससे कानूनी प्रक्रिया में एकरूपता आने की संभावना है।

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बहुविवाह पर लग सकती है रोक

समान नागरिक संहिता के तहत एक से अधिक विवाह से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया जा सकता है। सरकार बहुविवाह पर रोक लगाने संबंधी प्रावधान भी शामिल कर सकती है।

मैरिज रजिस्ट्रेशन हो सकता है अनिवार्य

सभी समुदायों के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य किए जाने की संभावना है। इससे विवाह संबंधी दस्तावेजों की कानूनी वैधता और पारदर्शिता बढ़ेगी।

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विरासत और गोद लेने के नियम होंगे एक समान

संपत्ति के अधिकार, उत्तराधिकार और बच्चों को गोद लेने से जुड़े मामलों में समान नियम लागू किए जा सकते हैं। इससे अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बीच मौजूद अंतर समाप्त हो सकता है।

बेटियों को मिलेगा मजबूत अधिकार

UCC के तहत बेटियों के संपत्ति अधिकारों को और अधिक स्पष्ट तथा समान बनाने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और अधिकारों में मजबूती मिलेगी।

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रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में कमेटी

राज्य सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी गठित की है। समिति विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने से जुड़े कानूनों का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें देगी।

अप्रैल 2026 में शुरू हुई प्रक्रिया

अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में UCC लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया।

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गोवा और उत्तराखंड से मिलेगा मॉडल

देश में वर्तमान में गोवा और उत्तराखंड ऐसे राज्य हैं जहां UCC व्यवस्था लागू है। उत्तराखंड ने जनवरी 2025 में समान नागरिक संहिता लागू कर नया उदाहरण प्रस्तुत किया था। अब छत्तीसगढ़ भी उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...Read More

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