दुल्हन ने पहले पहनाई वरमाला, फेरों से पहले ठुकराई शादी, Salary Slip दिखाने के बावजूद लौटा दी बारात, 1.2 लाख था दूल्हे का वेतन

दुल्हन ने पहले पहनाई वरमाला, फेरों से पहले ठुकराई शादी, Salary Slip दिखाने के बावजूद लौटा दी बारात, 1.2 लाख था दूल्हे का वेतन
कमालगंज। यूपी के कमालगंज कस्बे में शादी का एक अनोखा मामला सामने आया। जहां बारात धूमधाम से गेस्ट हाउस पहुंची, वरमाला की रस्म भी हुई, लेकिन फेरों से ठीक पहले दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। वजह थी दूल्हे के पास सरकारी नौकरी का न होना। दूल्हा सिविल इंजीनियर था और 1.2 लाख रुपए मासिक कमाता था, लेकिन दुल्हन ने सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े रहकर शादी से मना कर दिया।पंचायत के बाद भी दुल्हन शादी के लिए तैयार नहीं हुई। काफी इंतजार के बाद बिना दुल्हन के बारात लौट गई।

धूमधाम से पहुंची बारात, वरमाला भी हुई

दरअसल, ये घटना शुक्रवार रात की है। फर्रुखाबाद के कमालगंज कस्बे में एक गेस्ट हाउस में सजी बारात का जोरदार स्वागत हुआ। जयमाल की रस्म और अन्य कार्यक्रम धूमधाम से पूरे हुए। सब कुछ सामान्य लग रहा था। शनिवार सुबह फेरों से पहले अचानक दुल्हन और उसके परिवार ने दूल्हे की नौकरी के बारे में पूछताछ की। दूल्हे के पिता ने बताया कि बेटा निजी क्षेत्र में सिविल इंजीनियर है और उसकी तनख्वाह 1.2 लाख रुपए प्रतिमाह है। यह सुनते ही दुल्हन ने शादी करने से मना कर दिया।

सैलरी स्लिप भी नहीं मानी दुल्हन

दूल्हा पक्ष ने दुल्हन और उसके परिवार को मनाने की कोशिश की। दूल्हे ने अपनी सैलरी स्लिप फोन पर मंगवाकर दुल्हन के परिवार को दिखाई। इसके बावजूद दुल्हन ने शादी करने से इनकार कर दिया। उसने स्पष्ट कहा कि उसे केवल सरकारी नौकरी वाले दूल्हे से ही शादी करनी है। दुल्हन ने कहा कि उसे सरकारी जॉब वाला दूल्हा बताया गया था, वह प्राइवेट जॉब वाले से शादी नहीं करेगी।

पंचायत के बाद लौटी बारात

दुल्हन के इस फैसले से दोनों पक्ष स्तब्ध रह गए। मामले को सुलझाने के लिए समाज के लोगों ने पंचायत कराई। दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और शादी से जुड़े खर्चों का आपसी निपटारा किया गया। अंततः दूल्हे को बिना दुल्हन के ही बारात लेकर लौटना पड़ा। इस घटना को लेकर कोई विवाद या झगड़ा नहीं हुआ। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामले का निपटारा किया। थानाध्यक्ष अनुराग मिश्रा ने बताया कि मामले की कोई शिकायत थाने में दर्ज नहीं की गई है।

समाज में चर्चा का विषय

यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। लोग दुल्हन के इस फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ इसे सरकारी नौकरी को लेकर समाज की पुरानी सोच मान रहे हैं, जबकि कुछ दुल्हन के फैसले को उसका अधिकार मानते हैं। दूल्हा भले ही एक प्रतिष्ठित सिविल इंजीनियर था और 1.2 लाख रुपए मासिक कमाता था, लेकिन दुल्हन और उसके परिवार ने केवल सरकारी नौकरी को तरजीह दी।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

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