पीपुल्स संवाददाता भोपाल । ओला स्कूटर के बार-बार बिगड़ने से परेशान ग्राहक ने मजबूरी में पेट्रोल गाड़ी खरीद ली, लेकिन कंपनी को सबक सिखाने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर कर दिया। आयोग ने उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाते हुए राहत दी है। आयोग ने ओला कंपनी को निर्देश दिया है कि वह उपभोक्ता को गाड़ी की पूरी कीमत 9 फीसद ब्याज और जुर्माने के साथ करीब दो लाख 30 हजार रुपए दो माह के भीतर अदा करें।
गोविंदपुरा क्षेत्र के ग्राहक ने जून 2023 में ओला इलेक्ट्रिक स्टोर रायसेन रोड से स्कूटर एस-1 प्रो खरीदा था, जिसकी कीमत 1,78,100 रुपए थी। स्कूटर मोबाइल ऐप से स्टार्ट होती और ऐप से ही लॉक-अनलॉक होती थी। कंपनी ने 3 साल की गारंटी और वारंटी दी। हालांकि, स्कूटर में जल्द ही गड़बड़ी आने लगी। एक बार तो बीच बाजार में स्कूटर बंद पड़ गया। इसके बाद कंपनी को दर्जनों कॉल किए, तब छह घंटे बाद कंपनी ने गाड़ी उठाई।
स्कूटर की स्क्रीन हैंग हो जाती थी। लॉक-अनलॉक भी नहीं होती थी। इसके अलावा एजेंसी जो काम गाड़ी में करती थी, उसका कोई कागज नहीं देती थी। छोटे-मोटे काम के भी पैसे लगने लगे थे। उपभोक्ता ने कई बार कंपनी में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन हाल वही रहे।
कंपनी ने तर्क दिया कि उनकी ओर से सेवा में कमी नहीं रही है। मामले में आयोग ने जांच कराई और इसके आधार पर फैसला दिया कि उपभोक्ता को स्कूटर की कीमत 9 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाए जाएं।