ब्राजील में ड्रग माफिया के खिलाफ ऑपरेशन :जंग का मैदान बनीं रियो की गलियां, 4 अफसरों समेत 64 की मौत; ‘रेड कमांड’ गैंग का सफाया!

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जंग का मैदान बनीं रियो की गलियां, 4 अफसरों समेत 64 की मौत; ‘रेड कमांड’ गैंग का सफाया!
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    रियो डी जेनिरो। ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में मंगलवार को पुलिस ने ड्रग माफिया के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई में अब तक 64 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। गोलियों की आवाज से रियो डी जेनेरो की गलियां दहल उठीं और युद्ध क्षेत्र जैसी दिखने लगीं। यह ऑपरेशन ‘रेड कमांड’ गैंग के खिलाफ चलाया गया, जो लंबे समय से ड्रग्स, हथियारों की तस्करी और हिंसा के लिए कुख्यात है।

    2,500 सुरक्षाकर्मियों ने दी दबिश

    करीब 2,500 पुलिसकर्मी और सैन्यकर्मी मंगलवार सुबह (भारतीय समयानुसार मंगलवार रात) अलेमाओ और पेनहा इलाके में दाखिल हुए। यह अभियान सिविल और मिलिट्री पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन था, जिसे एक साल की जांच और प्लानिंग के बाद अंजाम दिया गया। जैसे ही सुरक्षाबल आगे बढ़े, रेड कमांड के सदस्यों ने फायरिंग शुरू कर दी। उन्होंने सड़कों पर जलते बैरिकेड्स लगाए और पुलिस पर ड्रोन से बम गिराए।

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    हेलिकॉप्टर और बख्तरबंद वाहनों से जवाबी कार्रवाई

    पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में हेलिकॉप्टर और बख्तरबंद वाहनों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह ने पुलिस की घेराबंदी रोकने के लिए हर संभव तरीका अपनाया, लेकिन ऑपरेशन के दौरान 80 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। 75 से अधिक राइफलें, 200 किलो ड्रग्स और कई अन्य हथियार बरामद किए गए।

    ‘रेड कमांड’ के सदस्यों ने पुलिस पर ड्रोन से बम गिराकर हमला किया। कई सड़कों पर 50 से ज्यादा बसों को कब्जे में लेकर रास्ते बंद कर दिए गए। पुलिस ने शहर के कई हिस्सों में कर्फ्यू जैसे हालात में स्थिति को संभाला।

    चार पुलिसकर्मी शहीद, कई नागरिक भी घायल

    गोलाबारी के दौरान चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि कई आम नागरिक भी घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि, पूरे दिन गोलियों और धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं। डर के माहौल में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

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    रेड कमांड का खूनी इतिहास

    ‘Comando Vermelho’ (रेड कमांड) ब्राजील का सबसे पुराना और खतरनाक गिरोह है। इसकी शुरुआत 1970 के दशक में जेलों में राजनीतिक बंदियों के समूह के रूप में हुई थी, लेकिन बाद में यह एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क बन गया। गिरोह ड्रग्स, हथियारों, जबरन वसूली और तटीय रूट्स पर कब्ज़ा रखने के लिए जाना जाता है। यह गरीब इलाकों में समानांतर सरकार की तरह काम करता है।

    ऑपरेशन रियो पैसिफिकाडो

    रियो के मेयर और गवर्नर क्लाउडियो कास्त्रो ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन रियो पैसिफिकाडो’ (Operation Rio Pacificado) नाम दिया है। कास्त्रो ने बताया कि, 60 से ज्यादा अपराधियों को ‘न्यूट्रलाइज’ किया जा चुका है। यह ऑपरेशन रियो की सड़कों को हिंसा और नशे के कारोबार से मुक्त कराने के लिए शुरू किया गया था।

    रियो डी जेनेरियो के गवर्नर क्लाउडियो कास्त्रो ने कहा कि, यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, यह एक संगठित युद्ध है। हम हर उस ताकत से लड़ रहे हैं जो राज्य के कानून को चुनौती दे रही है। अधिकारियों ने बताया कि, यह ऑपरेशन अभी जारी है और आगे भी कई ठिकानों पर छापेमारी की जाएगी।

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    क्लाइमेट समिट से पहले सुरक्षा पर जोर

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब रियो डी जेनेरियो C40 मेयर समिट और प्रिंस विलियम के अर्थशॉट प्राइज जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी करने जा रहा है। ये आयोजन नवंबर में अमेजन शहर बेलें में होने वाली UN की COP30 क्लाइमेट समिट की तैयारी का हिस्सा हैं। ब्राजील सरकार चाहती है कि, इन आयोजनों से पहले शहर को पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर दिखाया जाए।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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