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धमाकों से दहला जयपुर-अजमेर हाईवे, गैस सिलेंडर से भरे ट्रक में लगी आग, 2 घंटे तक फटते रहे सिलेंडर, 10 किमी तक सुनाई दिए धमाके

- हाईवे पर मची अफरा-तफरी, एक की मौत, कई घायल
धमाकों से दहला जयपुर-अजमेर हाईवे, गैस सिलेंडर से भरे ट्रक में लगी आग, 2 घंटे तक फटते रहे सिलेंडर, 10 किमी तक सुनाई दिए धमाके
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर मंगलवार देर रात दूदू के पास सावरदा पुलिया के पास भयावह हादसा हुआ। एलपीजी सिलेंडरों से भरे एक ट्रक को केमिकल टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहनों में आग लग गई। टक्कर के बाद सिलेंडरों में एक के बाद एक 200 धमाके हुए, और कई सिलेंडर 500 मीटर दूर खेतों में जा गिरे। 10 किलोमीटर दूर तक धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।

    आरटीओ की गाड़ी देखकर टैंकर ड्राइवर ने मोड़ दी गाड़ी

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा तब हुआ जब आरटीओ की टीम की गाड़ी देखकर केमिकल टैंकर चालक ने अचानक दिशा बदली और ढाबे की ओर गाड़ी मोड़ दी। ढाबे के बाहर खड़े एलपीजी सिलेंडरों से लदे ट्रक से टैंकर की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे स्पार्किंग और फिर भीषण आग लग गई। टैंकर चालक मौके पर ही जिंदा जल गया, जबकि ट्रक चालक शाहरुख बाल-बाल बच गया। उसने बताया-आरटीओ की गाड़ी देखकर ड्राइवर ने गाड़ी मोड़ी और मेरा ट्रक ढाबे पर खड़ा था। टक्कर के बाद आग इतनी तेज लगी कि कुछ समझ ही नहीं आया।

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    12 दमकलों ने 3 घंटे में पाया आग पर काबू

    • हादसे के तुरंत बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। 
    • दमकल की 12 गाड़ियों ने करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
    • ट्रक में करीब 330 सिलेंडर भरे थे, जिनमें से अधिकांश फट गए।
    • हादसे में पांच अन्य वाहन भी जलकर राख हो गए।
    • आग और विस्फोटों के कारण आसपास के इलाकों में 2 घंटे तक ट्रैफिक रोकना पड़ा।

    हाईवे बंद, ट्रैफिक डायवर्ट

    जयपुर-अजमेर हाईवे को रातभर के लिए बंद कर दिया गया, जिससे लंबा जाम लग गया। ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए वाहनों को किशनगढ़ से रूपनगढ़ होते हुए जयपुर की ओर डायवर्ट किया गया। वहीं जयपुर से अजमेर जाने वाले वाहनों को 200 फीट बायपास से टोंक रोड की ओर मोड़ा गया। बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे हाईवे को खोला गया।

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    सीएम और डिप्टी सीएम मौके पर पहुंचे

    हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा – “यह दुर्घटना अत्यंत दुखद है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि घायलों के उपचार और प्रभावितों की सहायता में कोई कमी न रहे।” मुख्यमंत्री के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और विधायक कैलाश वर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। जयपुर पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि टैंकर चालक समेत दो से तीन लोग घायल हुए हैं। जयपुर के एसएमएस अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तुरंत उपचार मिल सके।

    दो घंटे तक दहशत, आसमान में उठती रही आग की लपटें

    आग इतनी भयानक थी कि आसपास के गांवों में लोग घरों से बाहर निकल आए। आसमान में कई मीटर ऊंची लपटें उठ रही थीं और धमाकों से जमीन कांप रही थी। प्रत्यक्षदर्शी विनोद ने बताया- “टैंकर ने एलपीजी सिलेंडर वाले ट्रक को पीछे से टक्कर मारी। बस कुछ ही सेकंड में आग ने पूरे ढाबे को घेर लिया।”

    जांच के आदेश, सुरक्षा पर उठे सवाल

    घटना के बाद प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि रात के समय हाईवे पर इतने खतरनाक केमिकल टैंकरों की निगरानी क्यों नहीं होती और ढाबों के पास भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक क्यों नहीं है।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

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