भाजपा ने किया दतिया हार पर मंथन : सीएम हाउस में चली बैठक; दो सदस्यीय समिति करेगी जांच, एक दर्जन जिम्मेदारों पर हो सकता है एक्शन

भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर तुरंत समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवास पर हुई अहम बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, चुनाव प्रभारी, मंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में चुनावी हार के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। साथ ही संगठन की कार्यप्रणाली, चुनावी प्रबंधन और भविष्य की रणनीति को लेकर गंभीर चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए कि समीक्षा के आधार पर आगे आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
दो सदस्यीय समिति करेगी हार का विश्लेषण
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उपचुनाव में हार के कारणों की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है। दोनों नेता चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर संगठन आगे की रणनीति तय करेगा और जरूरत पड़ने पर जवाबदेही भी तय की जाएगी। सूत्रों की मानें तो करीब एक दर्जन जिम्मेदारों पर एक्शन लिया जा सकता है।
दतिया उपचुनाव : नरोत्तम के गढ़ में कांग्रेस की वापसी, पढ़िएं चुनाव परिणाम पर किस नेता ने क्या कहा...
भितरघात और अनुशासनहीनता पर भी नजर
समीक्षा बैठक में संगठन की भूमिका के साथ-साथ भितरघात की शिकायतों और चुनावी प्रबंधन में आई कमियों पर भी चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर शरण कुशवाहा सहित कुछ स्थानीय पदाधिकारियों और पार्षदों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रदेश संगठन इन मामलों की रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज सकता है। बैठक में उपचुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और राकेश शुक्ला सहित करीब दो दर्जन वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
यशोधरा राजे समेत नेताओं ने उठाए सवाल
उपचुनाव परिणाम के बाद भाजपा के भीतर आत्ममंथन की आवाजें भी तेज हो गई हैं। पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर "आत्ममंथन का समय…" लिखते हुए दतिया और बांकीपुर उपचुनाव का उल्लेख किया। वहीं टीकमगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता सिंह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए संगठनात्मक कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि जब कार्यकर्ताओं की जगह अधिकारी अपनी पहुंच का प्रभाव दिखाने लगें तो चुनावी परिणाम विपरीत हो सकते हैं। पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी दबी जुबान में चुनावी मिसमैनेजमेंट को हार का कारण बताया है।
ये भी पढ़ें: Peoples Update Special : सत्ता का ‘गृह’ दोष… मप्र में जो गृहमंत्री बना, उसका सियासी ग्राफ क्यों गिरा?
सोशल मीडिया गतिविधियों की भी होगी जांच
भाजपा अब चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित भ्रामक पोस्ट, फर्जी पत्रों और प्रचार सामग्री की भी समीक्षा करेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, ऐसे पोस्ट साझा करने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है और उनके राजनीतिक संबंधों की भी जांच होगी। संगठन का मानना है कि चुनाव के दौरान फैली भ्रामक सूचनाओं का भी परिणामों पर प्रभाव पड़ा हो सकता है। ऐसे में पार्टी संगठनात्मक समीक्षा के साथ डिजिटल गतिविधियों का भी विश्लेषण कर भविष्य के लिए नई रणनीति तैयार करेगा।












