Vijay Kumar Malhotra : BJP के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा का निधन, PM नरेंद्र मोदी ने जताया दुख

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष और जनसंघ काल से पार्टी की नींव को मजबूत करने वाले प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का आज सुबह 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सुबह करीब 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा शोक है।
सादगी और जनसेवा को समर्पित रहा जीवन
दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि, प्रोफेसर मल्होत्रा का जीवन सादगी और जनसेवा को समर्पित रहा। उन्होंने जनसंघ के दौर से ही दिल्ली में संघ की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
दिल्ली में पार्टी को खड़ा करने वाले स्तंभ
- प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा ने दिल्ली में जनसंघ और बाद में भाजपा को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई।
- 1972 से 1975 तक वे दिल्ली प्रदेश जनता संघ के अध्यक्ष रहे।
- 1977 से 1984 तक वे दो बार दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बने।
- उनकी रणनीति और संगठन कौशल ने भाजपा को दिल्ली की राजनीति में मजबूत आधार प्रदान किया।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा- “विजय कुमार मल्होत्रा जी एक शानदार नेता थे, जिन्हें जन मुद्दों की गहरी समझ थी। उन्होंने दिल्ली में हमारी पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से दुखी हूं। परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “जनसंघ और भाजपा के इतिहास में प्रो. मल्होत्रा का विशेष स्थान है। वे एक अनुभवी सांसद थे और संविधान के गहन जानकार थे।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताते हुए कहा- “उनका निधन अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति मिले।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा- “वे हम सब कार्यकर्ताओं के अभिभावक थे। संगठन की नींव को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सेवा व समर्पण का मार्ग दिखाने वाले सच्चे मार्गदर्शक थे।”
खेल प्रशासन में भी सक्रिय भूमिका
राजनीति के साथ-साथ विजय कुमार मल्होत्रा खेल प्रशासन में भी सक्रिय रहे। वे लंबे समय तक भारतीय खेल परिषद और कई खेल संघों से जुड़े रहे। उनकी छवि एक कुशल प्रशासक और अनुशासित नेता की रही।
जन्म और शुरुआती जीवन
- जन्म : 3 दिसंबर 1931 को लाहौर (पंजाब, अब पाकिस्तान) में।
- वे कविराज खजान चंद के सात बच्चों में चौथे थे।
- पढ़ाई और करियर के शुरुआती दौर से ही उनका झुकाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और समाज सेवा की ओर रहा।
बीजेपी और राजनीति को बड़ी क्षति
प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का निधन भारतीय राजनीति और दिल्ली भाजपा के लिए अपूरणीय क्षति है। वे न केवल संगठन के स्तंभ थे, बल्कि अनुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और सेवा के जीते-जागते उदाहरण थे।




















