भ्रष्टाचारियों को सीधे बाहर :- 15 दिन में पांचवीं सजा , टी.आई. को एसआई व एएसआई सिपाही बनाया दिया  

भ्रष्टाचारियों को सीधे बाहर :- 15 दिन में पांचवीं सजा , टी.आई. को एसआई व एएसआई सिपाही बनाया दिया  
बाएँ से एएसआई धीरज शर्मा व टीआई अजय वर्मा

इंदौर पुलिस कमिश्नर  द्वारा 15 दिन में पांचवीं सजा सुनाते हुए भ्रष्ट पुलिस वालों पर कार्यवाही करते हुए उन्हे सीधे विभाग से बाहर का रास्ता दिखा दिया हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों को पांचवी सजा सुनाई है। चार को सेवा से बर्खास्त कर चुके हैं। आयुक्त ने एएसआई रंजना खांडे, एएसआई कलमसिंह, एएसआई रामअवतार दीक्षित और एसआई विकास की पुलिस से छुट्टी कर दी थी।

 अनाज कारोबारी को हनीट्रेप में फंसा कर लाखों रुपये वसूलने वाले टीआई(निरीक्षक) अजय वर्मा और एएसआई (सहायक उपनिरीक्षक) धीरज शर्मा को पुलिस आयुक्त ने कड़ी सजा सुनाई है। दोनों का डिमोशन कर दिया गया है। टीआई को दो वर्ष के लिए एसआई (उपनिरीक्षक) और एएसआई को पांच साल के लिए आरक्षक बनाया गया है।

 2022 के एक मामले में एमआईजी टीआई रहे अजय वर्मा को उपनिरीक्षक बनाकर दंडित किया है। 2022 में एक महिला ने रवि नाम के व्यक्ति के खिलाफ रेप के मामले में आवेदन दिया था। इस मामले में आरोपी पक्ष से 20 लाख रुपए लेकर पूरे मामले का सेटलमेंट किया गया था। इसमें जांचकर्ता सहायक उपनिरीक्षक धीरज शर्मा थे, वहीं एक अन्य आरक्षक की भूमिका भी संदिग्ध मिली थी।

इसके बाद अजय वर्मा का तबादला उज्जैन कर दिया गया। पहले एडिशनल डीसीपी स्तर पर जांच की गई, जिसमें आरक्षक को हटाया गया। इसके बाद टीआई अजय वर्मा और धीरज शर्मा के खिलाफ जांच चली। दोनों की भूमिका जांच में संदिग्ध पाई गई। इस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को आदेश जारी कर टीआई अजय वर्मा को उपनिरीक्षक और धीरज शर्मा को आरक्षक पद पर दंडित कर दिया।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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