24 घंटे का नोटिस खत्म, अब सीलिंग शुरू! भोपाल में होटल-जिम और गोदामों पर नगर निगम का शिकंजा

भोपाल। राजधानी में आवासीय इलाकों में नियमों के खिलाफ चल रहे कारोबार पर अब नगर निगम कार्रवाई करने जा रहा है। शनिवार को दिए गए 24 घंटे के अंतिम नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बाद सोमवार से सीलिंग अभियान शुरू किया गया है। निगम की टीमें उन जगहों पर पहुंचेंगी, जहां रिहायशी संपत्तियों में व्यावसायिक काम जारी है। कार्रवाई के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, जिम, कारखाने, शोरूम और गोदाम जैसे प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए पुलिस की भी तैनाती की गई है। कुछ संचालकों ने कार्रवाई से पहले ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर लिए हैं।
नोटिस के बाद अब सीधे सीलिंग
नगर निगम ने पहले चिन्हित प्रतिष्ठानों को अंतिम मौका देते हुए 24 घंटे का नोटिस दिया था। समय पूरा होने के बाद भी जहां व्यावसायिक गतिविधियां जारी मिलीं, वहां सील लगाने की कार्रवाई की जाएगी। निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खुद बंद कर दिए हैं। वहीं, नियमों का पालन नहीं करने वालों पर टीम मौके पर कार्रवाई करेगी।
सील लगने के बाद खोलना आसान नहीं
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम हर मामले का पंचनामा तैयार करेगी। किसी प्रतिष्ठान को सील किए जाने के बाद उसे बिना अनुमति दोबारा खोलना मुश्किल होगा। निगम के मुताबिक सील हटाने के लिए संबंधित पक्ष को न्यायालय की अनुमति लेनी होगी। अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति सील तोड़कर प्रतिष्ठान शुरू करता है तो उसके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इन इलाकों में पहुंचेगी नगर निगम की टीम
अभियान के पहले चरण में भोपाल की छह विधानसभा क्षेत्रों में कार्रवाई की जा रही है। उत्तर विधानसभा के पार्क कॉलोनी, फिरदौस नगर, पीजीबीटी रोड और कोहेफिजा में होटल, रेस्टोरेंट और जिम जैसी गतिविधियां चिन्हित हैं। नरेला क्षेत्र के रचना नगर, गौतम नगर, कस्तूरबा नगर और सुभाष नगर में भी कार्रवाई होगी। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के केरवा रोड, मध्य विधानसभा के अरेरा कॉलोनी, लक्ष्मीगंज और गिन्नौरी में भी कई प्रतिष्ठान जांच के दायरे में हैं। गोविंदपुरा के मिसरोद में शोरूम, फैक्ट्री और गोदाम तथा हुजूर के सर्वधर्म सी-सेक्टर और दानिश कुंज में होटल, रेस्टोरेंट और जिम चिन्हित किए गए हैं।
8,264 नोटिस के बाद बढ़ी सख्ती
नगर निगम के अनुसार शहर में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर अब तक 8,264 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सर्वे और जांच के दौरान करीब 62,550 गतिविधियां चिन्हित किए जाने की जानकारी निगम ने दी है। अब इसी अभियान के तहत रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे कारोबार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
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56 अधिकारी संभालेंगे मोर्चा
सीलिंग अभियान के लिए छह टीमें बनाई गई हैं। इनमें कुल 56 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। टीमों में जोनल अधिकारी, वार्ड प्रभारी, अतिक्रमण अधिकारी, तकनीकी अधिकारी और भवन निरीक्षक समेत अन्य कर्मचारी रहेंगे। कार्रवाई के दौरान 11 थानों का पुलिस बल भी तैनात रहेगा। निगम का कहना है कि अभियान का मकसद आवासीय इलाकों में नियमों के खिलाफ चल रहे व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाना है।



















