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राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ के लिए कांग्रेस का बैकअप भी तैयार: खंडवा रोड से खालसा स्टेडियम तक खोज रहे हैं विकल्प

12 सितंबर को राहुल गांधी का छात्रों से संवाद प्रस्तावित, 2 सितंबर की बड़ी बैठक में बनेगी रणनीति; खंडवा रोड, सांघी ग्राउंड और खालसा स्टेडियम भी विकल्पों में
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ के लिए कांग्रेस का बैकअप भी तैयार: खंडवा रोड से खालसा स्टेडियम तक खोज रहे हैं विकल्प
 निगम आयुक्त से मिले कांग्रेसी

इंदौर। राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 12 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 जिलों से करीब 50 हजार छात्रों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के लिए कांग्रेस की पहली पसंद नेहरू स्टेडियम है, लेकिन नगर निगम से अनुमति को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में कांग्रेस ने बैकअप प्लान के तहत कई दूसरी जगहों की तलाश भी शुरू कर दी है। शहर और जिला कांग्रेस की ओर से 2 सितंबर को राजीव गांधी सर्कल स्थित शुभ कारज गार्डन में बड़ी बैठक बुलाई गई है। इसमें इंदौर के अलावा इंदौर-उज्जैन संभाग के कांग्रेस पदाधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों, छात्रों के रजिस्ट्रेशन और व्यवस्थाओं को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।

 

 निगम आयुक्त से मिले कांग्रेसी 

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी युवाओं के हीरो हैं और भाजपा को उनसे फोबिया है। चौकसे ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई तो कांग्रेस ‘ईंट से ईंट बजा देगी।’ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नेहरू स्टेडियम कार्यक्रम के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है, लेकिन अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में पार्टी ने वैकल्पिक स्थानों की तलाश भी शुरू कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में परमिशन को लेकर विवाद और तेज होने के साथ कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल बदलने की संभावना भी बनी हुई है।

 

 

अनुमति नहीं मिली तो ये जगहें तैयार

नगर निगम से फैसला आने से पहले ही कांग्रेस ने वैकल्पिक स्थानों की तलाश शुरू कर दी है। खंडवा रोड पर दो जगहों को देखा गया है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सांघी ग्राउंड, जहां पहले बड़े आयोजन हो चुके हैं, उस पर भी विचार किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने रीजनल पार्क के सामने पटाखा बाजार वाली जगह का भी निरीक्षण किया है। वहीं कुछ नेताओं ने खालसा स्टेडियम को भी विकल्प के तौर पर देखा है। यानी नेहरू स्टेडियम पर हरी झंडी नहीं मिली तो कांग्रेस के पास कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कई विकल्प तैयार रहेंगे।

 

राहुल के कार्यक्रम की खबर आते ही छात्रों के फोन

राहुल गांधी के 12 सितंबर के कार्यक्रम की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं के पास छात्रों के फोन आने भी शुरू हो गए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े समेत अन्य नेताओं से छात्र कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर जानकारी ले रहे हैं। इससे कांग्रेस नेताओं का उत्साह बढ़ा है। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम के लिए 50 हजार छात्रों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया को देखते हुए नेताओं को उम्मीद है कि यह आंकड़ा भी पार हो सकता है।

 

कार्यक्रम में कांग्रेस नहीं, सिर्फ छात्र होंगे

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक इस आयोजन में कांग्रेस मेजबान की भूमिका में रहेगी, लेकिन कार्यक्रम स्थल के भीतर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी नहीं होगी। मुख्य रूप से छात्रों को ही कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। राहुल गांधी छात्रों से संवाद करेंगे। उससे पहले युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

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शाम के कार्यक्रम के लिए बड़ी तैयारी

कार्यक्रम शाम के बाद प्रस्तावित है। ऐसे में कांग्रेस के सामने सिर्फ भीड़ जुटाने की चुनौती नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के लिए व्यवस्थाएं करना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। पार्किंग, रोशनी, जनरेटर, पानी, मौसम से बचाव और छात्रों के सुगम आवागमन की व्यवस्था पर भी कांग्रेस को विशेष ध्यान देना होगा। कोशिश है कि छात्र बिना किसी परेशानी के कार्यक्रम स्थल तक पहुंचें और आसानी से अपनी जगह ले सकें।

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नेहरू स्टेडियम को लेकर राजनीति भी गरमाने के आसार

कांग्रेस नेताओं का मानना है कि भाजपा की परिषद और नगर निगम कार्यक्रम को लेकर टकराव की स्थिति से बचना चाहेंगे और नेहरू स्टेडियम की अनुमति दे सकते हैं।हालांकि, अगर अनुमति नहीं मिलती है तो कांग्रेस दूसरे स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में नेहरू स्टेडियम को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिल सकते हैं।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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