भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों धमकी भरे ईमेल से दहशत का माहौल बन गया है। एक के बाद एक सरकारी और निजी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। ताजा मामला कोलार इलाके का है, जहां JK हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इस धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। दोनों संस्थानों में अलर्ट जारी कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस और बम निरोधक दस्ता पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
जानकारी के अनुसार, संस्थानों को भेजे गए ईमेल में दावा किया गया कि, दोनों परिसरों में 21 बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 1:30 बजे फटेंगे। ईमेल में यह भी लिखा गया कि, दोपहर की इस्लामी नमाज से पहले दोनों संस्थानों को खाली करा लिया जाए। धमकी भरे इस संदेश के बाद अस्पताल और विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीम मौके पर पहुंची और परिसर की जांच शुरू कर दी गई।

धमकी मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। शुरुआती कार्रवाई के तहत परिसर की तलाशी ली जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे मामलों में किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा सकता। इसलिए हर धमकी की पूरी जांच की जाती है। फिलहाल साइबर सेल भी सक्रिय हो गई है और ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के लिए कई तकनीकी पहलुओं को खंगाला जा रहा है, जैस-
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भोपाल में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार इस तरह के धमकी भरे ईमेल सामने आ रहे हैं। शहर के कई बड़े संस्थानों को निशाना बनाया जा चुका है। हाल ही में एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग को भी दो बार ईमेल भेजा गया था, जिसमें दावा किया गया था कि दफ्तर में साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर रखे गए हैं और दोपहर 1 बजे विस्फोट होगा। सूचना मिलने के बाद पूरे कार्यालय को खाली कराया गया और बम निरोधक दस्ते ने जांच की, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। इस घटना ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
मार्च की शुरुआत में भोपाल के कई प्रमुख संस्थानों को एक साथ धमकी भरे ईमेल मिले थे। इनमें AIIMS अस्पताल, पासपोर्ट ऑफिस, जनरल पोस्ट ऑफिस और एक यूनिवर्सिटी शामिल थी।
ईमेल में दावा किया गया था कि, परिसर में साइनाइड गैस से जुड़े IED लगाए गए हैं और 12:15 बजे विस्फोट होगा, इसलिए लोगों को पहले ही बाहर निकाल लिया जाए। इसके बाद पुलिस और बम स्क्वॉड ने घंटों तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कहीं भी विस्फोटक नहीं मिला। इस घटना के बाद पूरे शहर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था।
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भोपाल की पीपुल्स यूनिवर्सिटी को भी कुछ समय पहले इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था। मेल में दावा किया गया था कि, कॉलेज परिसर में सायनाइड युक्त बम लगाए गए हैं। इस सूचना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे कैंपस को खाली कराया और पुलिस ने बम निरोधक दस्ते के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिला। पीपुल्स यूनिवर्सिटी को अब तक दो बार इसी तरह के ईमेल मिल चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, अभी तक भोपाल में मिले ज्यादातर बम धमकी के मामलों में जांच के दौरान कोई भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन घटनाओं को होक्स (फर्जी धमकी) माना जा रहा है, लेकिन फिर भी पुलिस हर मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रही है।
इस तरह के ईमेल अक्सर दहशत फैलाने या सुरक्षा एजेंसियों को परेशान करने के लिए भेजे जाते हैं। हालांकि, किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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लगातार मिल रही धमकियों के बाद अब पुलिस की जांच का केंद्र साइबर ट्रेसिंग बन गया है। पुलिस और साइबर सेल मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि,
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कई धमकी भरे ईमेल का कंटेंट एक जैसा है, जिससे शक है कि इन्हें एक ही स्रोत से भेजा गया हो।
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लगातार मिल रही धमकियों के कारण भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। खासकर अस्पतालों, विश्वविद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालांकि, अब तक हर मामले में राहत की बात यह रही है कि किसी भी जगह विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।