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इंश्योरेंस सेक्टर में 100% FDI को मंजूरी:विदेशी निवेश के लिए आसान होगा रास्ता, LIC के लिए अलग रहेंगे नियम

सरकार ने विदेशी निवेश के रास्ते आसान करने के लिए 100% FDI को मंजूरी दी है, हालांकि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के लिए अलग नियम बनाए रखे जाएंगे।
विदेशी निवेश के लिए आसान होगा रास्ता, LIC के लिए अलग रहेंगे नियम

सरकार ने 2 मई को बड़ा फैसला लेते हुए भारत के इंश्योरेंस सेक्टर में 100% विदेशी निवेश (FDI) को ऑटोमैटिक रूट के तहत मंजूरी दे दी है। इस फैसले से अब विदेशी निवेशकों के लिए भारत में निवेश करना पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा और सेक्टर में उनकी भागीदारी तेजी से बढ़ सकती है।

क्या बदला है नए नियम में

नई व्यवस्था के तहत इंश्योरेंस कंपनियों और इंटरमीडियरीज जैसे ब्रोकर्स में 100% तक विदेशी निवेश ऑटोमैटिक रूट से किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि अब निवेश के लिए सरकार की पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं होगी, हालांकि सेक्टर से जुड़े नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा। यह बदलाव फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट (नॉन-डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स) (सेकंड अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 के जरिए लागू किया गया है।

LIC के लिए अलग नियम लागू

सरकारी कंपनी LIC के मामले में यह छूट लागू नहीं होगी। LIC में विदेशी निवेश की सीमा 20% ही बनी रहेगी और इस पर अलग कानूनी प्रावधान लागू होंगे।

चीन-हांगकांग निवेश पर हुआ बदलाव 

नए नियम के मुताबिक जिन विदेशी कंपनियों में चीन या हांगकांग की हिस्सेदारी 10% तक है वे अब भारत में उन सेक्टर्स में निवेश कर सकेंगी जहां ऑटोमैटिक रूट लागू है। हालांकि यह छूट उन कंपनियों को नहीं मिलेगी जो सीधे तौर पर चीन, हांगकांग या भारत से जमीन सीमा साझा करने वाले देशों में रजिस्टर्ड हैं। अब निवेश का आकलन ‘बेनेफिशियल ओनर’ यानी असली मालिक के आधार पर किया जाएगा जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

IRDAI की मंजूरी रहेगी जरूरी

इंश्योरेंस सेक्टर में निवेश के लिए IRDAI की मंजूरी जरूरी होगी। कंपनियों को इंश्योरेंस एक्ट, 1938 के तहत लाइसेंस और अन्य नियमों का पालन करना होगा।

क्यों लिया गया यह फैसला

दिसंबर 2025 में संसद ने 74% से बढ़ाकर 100% FDI की मंजूरी देने वाला बिल पास किया था। इसका मकसद

  • बीमा की पहुंच बढ़ाना
  • प्रीमियम कम करना
  • सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना
  • रोजगार के नए अवसर पैदा करना

निर्मला सीतारमण ने कहा था कि इससे विदेशी कंपनियां ज्यादा पूंजी ला सकेंगी और इंश्योरेंस सेक्टर का विस्तार होगा। DPIIT ने जारी की अधिसूचना के जरिए साफ किया है कि घरेलू इंश्योरेंस कंपनियों में विदेशी निवेश ऑटोमैटिक रूट से किया जा सकेगा जिसमें पोर्टफोलियो निवेश भी शामिल रहेगा।

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आम लोगों पर होगा असर

इस फैसले से:

  • इंश्योरेंस कंपनियों में निवेश बढ़ेगा
  • नए प्लेयर्स मार्केट में आएंगे
  • प्रोडक्ट्स की वैरायटी बढ़ेगी
  • प्रीमियम कम होने की संभावना बनेगी

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Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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