भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर धमकी भरे ईमेल ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस बार निशाने पर एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग (लीगल मेट्रोलॉजी ऑफिस) का दफ्तर रहा। विभाग के आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजे गए एक संदेश में दावा किया गया कि कार्यालय परिसर में साइनाइड गैस से भरे 16 IED और सिलेंडर रखे गए हैं, जो दोपहर 1 बजे विस्फोट करेंगे।
ईमेल मिलते ही विभाग में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला गया और पूरे भवन को एहतियातन खाली कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की गई। हालांकि, शुरुआती जांच में किसी भी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
नापतौल विभाग को भेजे गए ईमेल में धमकी देने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उसने दफ्तर परिसर में साइनाइड गैस से भरे कई विस्फोटक उपकरण रखे हैं। ईमेल में लिखा गया कि, कार्यालय परिसर में 16 साइनाइड गैस से भरे IED लगाए गए हैं। ये दोपहर 1 बजे विस्फोट करेंगे, कर्मचारियों और आसपास के लोगों को 12:10 बजे तक वहां से हटा लें।
धमकी देने वाले ने यह भी लिखा कि, अगर विस्फोट नहीं हुआ तो वह अपने शरीर पर 2 किलोग्राम RDX बांधकर आत्मघाती हमला करेगा। इस संदेश के बाद पूरे विभाग में दहशत फैल गई और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया।
धमकी भरा ईमेल मिलते ही भोपाल पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
पुलिस ने सबसे पहले पूरे कार्यालय भवन को खाली कराया और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया। इसके बाद परिसर की बारीकी से जांच शुरू की गई। जांच के दौरान भवन के हर कमरे, पार्किंग, आसपास के इलाके और संदिग्ध स्थानों की तलाशी ली गई।
यह भी पढ़ें: भोपाल : MP में LPG क्राइसिस के बीच राहत भरी खबर, कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू हुई
घंटों चली सर्चिंग के बाद पुलिस को किसी भी तरह का सिलेंडर, IED या विस्फोटक उपकरण नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक, धमकी फिलहाल फर्जी प्रतीत हो रही है, लेकिन मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पुलिस का कहना है कि, ऐसे मामलों में सावधानी बेहद जरूरी होती है, इसलिए पूरे परिसर की जांच की गई। फिलहाल साइबर टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है।
धमकी की खबर मिलते ही नापतौल विभाग के कर्मचारी दफ्तर से बाहर निकल आए। कई कर्मचारी कार्यालय के बाहर बैठकर हालात सामान्य होने का इंतजार करते रहे। एक कर्मचारी ने बताया कि, अचानक पुलिस और बम स्क्वॉड की टीम पहुंची और सभी को तुरंत बाहर जाने के लिए कहा गया। हालांकि, बाद में जब जांच में कुछ नहीं मिला तो कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
भोपाल में पिछले कुछ महीनों से धमकी भरे ईमेल मिलने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इससे पहले भी कई संस्थानों को इसी तरह के ईमेल मिल चुके हैं।
पहले इन संस्थानों को मिली थी धमकी
|
संस्थान |
धमकी का प्रकार |
परिणाम |
|
एम्स भोपाल |
बम से उड़ाने की धमकी |
सर्चिंग में कुछ नहीं मिला |
|
पीपुल्स मेडिकल कॉलेज |
साइनाइड बम की धमकी |
फर्जी निकली |
|
निजी स्कूल |
बम धमाके की चेतावनी |
कोई विस्फोटक नहीं मिला |
|
नापतौल विभाग |
साइनाइड गैस IED |
जांच जारी |
इन मामलों में अभी तक किसी भी जगह वास्तविक बम या विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन लगातार मिल रहे ऐसे ईमेल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।
करीब दो सप्ताह पहले भोपाल के एम्स अस्पताल और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को भी इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिले थे। उस ईमेल में दावा किया गया था कि, संस्थानों में सायनाइड पॉइजन वाले बम रखे गए हैं। ये दोपहर 12:15 बजे विस्फोट करेंगे, सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों और छात्रों को बाहर निकाल लें। सूचना मिलने के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने दोनों परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि वहां भी कोई विस्फोटक नहीं मिला था।
[featured type="Featured"]
नापतौल विभाग को भेजे गए ईमेल में धमकी देने वाले ने कई विवादित और असंबंधित दावे भी किए। संदेश में तमिलनाडु सरकार से जुड़ी कथित जासूसी, विदेशी सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े आरोप और विभिन्न घटनाओं को साजिश बताने जैसे दावे किए गए। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है और फिलहाल इन्हें गंभीरता से जांच के बाद ही सत्य माना जा सकता है।
धमकी भरे ईमेल के मामले में पुलिस अब साइबर जांच कर रही है। जांच के मुख्य बिंदु-
साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां मिलकर इस मामले की जांच कर रही हैं।