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10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे...अगर हिम्मत है तो सबसे मजबूत नेता को फालता भेजो, अभिषेक बनर्जी की भाजपा को खुली चुनौती

वोट काउंटिंग से पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती को लेकर TMC की आपत्ति पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने स्पष्ट किया कि काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति का अधिकार चुनाव आयोग के पास है।
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अगर हिम्मत है तो सबसे मजबूत नेता को फालता भेजो, अभिषेक बनर्जी की भाजपा को खुली चुनौती

फालता। पश्चिम बंगाल में हाल ही हुए विधानसभा चुनाव की वोटिंग में गड़बड़ियों की कई शिकायत मिली है। जिसके बाद केंद्र चुनाव आयोग ने दोबारा रिपोलिंग करान के निर्देश जारी किए हैं। बंगाल की फालता सीट में भी दोबारा वोट डाले जाएंगेष इसी बीच TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को खुली चुनौती दी है। 

10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे- अभिषेक

अभिषेक ने दोबारा रिपोलिंग पर कहा कि बांग्ला विरोधी गैंग और उनके सहयोग ज्ञानेश कुमार मेरे डायमंड हार्बर मॉडल को हल्के में न लें, इस मॉडल को नुकसान पहुंचाने में 10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि मैं केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं वे यहां अपने सबसे मजबूत नेता को भेजा। अगर हिम्मता है तो उन्हें फालता में चुनावी मैदान से उतारो।

क्या हुआ था फालता में, 21 मई को दोबारा वोटिंग

दरअसल बंगाल में हुए दो चरणों की वोटिंग में कुछ शरारत्वी तत्वों द्वारा गड़बड़ी करने की घटना सामने आई थी। जिसमें चुनाव नियमों का उल्लंघन हुआ है। जिसके बाद आयोग ने यहां की सभी 285 सीटों पर दोबारा वोटिंग का आदेश दिया है। वोटिंग 21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। वोटों की गिनती 24 मई को होगी। 

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फालता सीट पर आसान नहीं होगी भिड़ंत

पश्चिम बंगाल की फलता सीट पर राजनीतिक मुकाबला और तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा नेता देबांग्शु पांडा के खिलाफ जहांगीर खान को मैदान में उतारा है। यह फैसला चुनाव आयोग द्वारा दूसरे चरण के मतदान के दौरान सामने आई गंभीर शिकायतों के बाद लिया गया।

चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के बाद फैसला

चुनाव आयोग के मुताबिक, 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान कई जगहों से चुनावी अपराध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने की रिपोर्ट मिली थीं। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार को लेकर यह बड़ा फैसला लिया गया।

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स्थानीय जनता- TMC कार्यकर्ता धमका रहे

दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके में स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि TMC कार्यकर्ताओं ने उन्हें धमकाया और डराने की कोशिश की। लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

भट्टाचार्य के TMC पर गंभीर आरोप

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने TMC पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में ज्यादातर राजनीतिक हत्याओं के पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ है।
भट्टाचार्य के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में हुए करीब 95% राजनीतिक हत्याओं में TMC कार्यकर्ता ही शामिल रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी के अंदर पैसों को लेकर आंतरिक संघर्ष चल रहा है।

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SC- केंद्रीय कर्मचारी की तैनाती का अधिकार चुनाव आयोग के पास

वोट काउंटिंग से पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती को लेकर TMC की आपत्ति पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने स्पष्ट किया कि काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति का अधिकार चुनाव आयोग के पास है।
इस बीच चुनाव आयोग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। आयोग ने 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए हैं, ताकि मतगणना प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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