भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का बड़ा प्रदर्शन, कमला पार्क रोड पर चक्का जाम; रोशनपुरा से रॉयल मार्केट तक ट्रैफिक बेहाल

भोपाल। मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब सड़क पर उतर आया है। भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों ने कमला पार्क रोड पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। डॉक्टरों के सड़क पर बैठने से शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंस गए। इंटर्न डॉक्टर सोमवार सुबह से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई और वाटर कैनन के इस्तेमाल के विरोध में उनका गुस्सा और बढ़ गया है। मंगलवार को प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में इंटर्न डॉक्टरों ने नियमित OPD से दूरी बनाई। इंदौर, रतलाम समेत अन्य शहरों में भी इसका असर देखने को मिला।
14,377 से 30 हजार स्टाइपेंड करने की मांग
इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांग स्टाइपेंड बढ़ाने की है। उनका कहना है कि मौजूदा स्टाइपेंड 14,377 रुपए है, जिसे बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति माह किया जाना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में नियमित रूप से मरीजों की सेवा और चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े काम करते हैं। ऐसे में उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के हिसाब से बढ़ाया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर डॉक्टरों ने प्रदर्शन तेज कर दिया है और सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील की है।

कमला पार्क रोड पर रातभर डटे रहे डॉक्टर
भोपाल में प्रदर्शन कर रहे MBBS इंटर्न डॉक्टर रातभर कमला पार्क की सड़क पर बैठे रहे। सुबह भी उनका प्रदर्शन जारी रहा। डॉक्टरों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और चक्का जाम किया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन स्थल मुख्यमंत्री निवास से करीब 200 मीटर की दूरी पर है। इसके चलते पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

रोशनपुरा से रॉयल मार्केट तक ट्रैफिक प्रभावित
डॉक्टरों के सड़क पर बैठने का सीधा असर भोपाल के ट्रैफिक पर दिखाई दिया। कमला पार्क रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रोशनपुरा से लेकर रॉयल मार्केट तक जाम की स्थिति बन गई। चक्का जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग लंबे समय तक जाम में फंसे रहे
स्थिति को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई जगह डायवर्जन किए। वाहनों को जहांगीराबाद की तरफ से निकालने की व्यवस्था की गई। वहीं राजा भोज ब्रिज पर दोनों दिशाओं के ट्रैफिक को एक ही रूट से निकालने की कोशिश की गई।

पीक ऑवर में 10 हजार तक पहुंचता है ट्रैफिक
कमला पार्क रोड भोपाल के व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस सड़क से सामान्य दिनों में करीब 5 हजार वाहन गुजरते हैं। वहीं, पीक ऑवर यानी सबसे व्यस्त समय में वाहनों की संख्या बढ़कर 8 से 10 हजार तक पहुंच जाती है। ऐसे में डॉक्टरों के चक्का जाम से ट्रैफिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया। पुलिस को वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजना पड़ा।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में भी नाराजगी
इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन की एक बड़ी वजह पुलिस कार्रवाई भी है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का आरोप है कि सोमवार रात पुलिस ने उनके प्रदर्शन को रोकने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। डॉक्टर इसी कार्रवाई का विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और पुलिस को बातचीत के जरिए स्थिति संभालनी चाहिए थी।

OPD बंद होने से मरीजों की बढ़ी परेशानी
डॉक्टरों के आंदोलन का असर अब अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में नियमित OPD प्रभावित हुई है। भोपाल के अलावा इंदौर, रतलाम और अन्य शहरों में भी इंटर्न डॉक्टरों के काम से दूर रहने की जानकारी सामने आई है। इससे सामान्य इलाज और जांच के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब सरकार और डॉक्टरों के बीच समाधान का इंतजार
MBBS इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन अब केवल स्टाइपेंड की मांग तक सीमित नहीं रहा है। इसमें पुलिस कार्रवाई के विरोध का मुद्दा भी जुड़ गया है। एक तरफ डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर हैं, तो दूसरी तरफ चक्का जाम के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और अस्पतालों में नियमित सेवाएं भी बाधित हैं।



















