विकास की नई रूपरेखा तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम:भोपाल-इंदौर के 28 हजार वर्ग किमी क्षेत्र का बनेगा संयुक्त मास्टर प्लान, बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहेगी विशेष निगरानी

भोपाल और इंदौर के 28 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए एक संयुक्त मास्टर प्लान बनाया जा रहा है जो विकास की नई रूपरेखा तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल के तहत बड़े प्रोजेक्ट्स पर विशेष निगरानी रखी जाएगी जिससे क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सके
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भोपाल-इंदौर के 28 हजार वर्ग किमी क्षेत्र का बनेगा संयुक्त मास्टर प्लान, बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहेगी विशेष निगरानी

अशोक गौतम,भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल और इंदौर के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को देखते हुए दोनों शहरों के लिए व्यापक मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया की अधिसूचना जारी होने के बाद अब भोपाल और इंदौर मिलाकर करीब 28 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए एक समग्र विकास योजना तैयार की जाएगी। इस योजना के तहत सड़क, सीवेज, पेयजल लाइन, परिवहन, औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं का एकीकृत मास्टर प्लान बनाया जाएगा। इसके बाद मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को संबंधित अथॉरिटी की अनुमति के बिना शुरू नहीं किया जा सकेगा।

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भोपाल और इंदौर के विस्तार को मिलेगा नया दिशा-निर्देशन

पिछले कुछ वर्षों में भोपाल का विस्तार नर्मदापुरम दिशा की ओर और इंदौर का विस्तार भोपाल तथा उज्जैन की ओर तेजी से हुआ है। ऐसे में पारंपरिक मास्टर प्लान की सीमाएं कम होती जा रही हैं। इसी वजह से सरकार अब दोनों शहरों के लिए बड़े स्तर पर क्षेत्रीय विकास मॉडल तैयार कर रही है। भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) और इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) क्षेत्र निर्धारण के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेंगे। इस रिपोर्ट में भविष्य की आबादी, उद्योगों की आवश्यकता, यातायात, रोजगार और बुनियादी ढांचे की जरूरतों का आकलन किया जाएगा।

आष्टा और सोनकच्छ बन सकते हैं नए विकास केंद्र

प्रारंभिक अध्ययन में सीहोर जिले का आष्टा और देवास जिले का सोनकच्छ क्षेत्र भविष्य के औद्योगिक और शहरी विस्तार के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं। इन इलाकों में पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है और ये भोपाल-इंदौर मुख्य मार्ग पर स्थित हैं, जिससे आधारभूत संरचना विकसित करने की लागत भी कम आएगी।

तीन बार बदला गया इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का स्वरूप

इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के दायरे में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं। शुरुआत में इसका क्षेत्रफल 9,989.69 वर्ग किलोमीटर प्रस्तावित था, जिसे बाद में बढ़ाकर 14,550.29 वर्ग किलोमीटर किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद इसमें और क्षेत्र जोड़े गए और अब इसका अंतिम क्षेत्रफल 16,000.88 वर्ग किलोमीटर तय किया गया है। अधिकारियों के अनुसार विस्तृत डेटा संकलन और रिपोर्ट तैयार करने में करीब छह माह का समय लग सकता है।

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इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया की प्रमुख जानकारी

  • कुल जिले : 6
  • कुल तहसील : 38
  • कुल गांव : 2,781
  • कुल क्षेत्रफल : 16,000.88 वर्ग किलोमीटर
  • कुल जनसंख्या : 75.34 लाख
  • भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए विभागों से मांगी गई जानकारी

भोपाल विकास प्राधिकरण ने कृषि, राजस्व, परिवहन, लोक निर्माण, उद्योग, नगरीय विकास, पर्यटन, धर्मस्व, जल संसाधन और आर्थिक एवं सांख्यिकी विभागों से विस्तृत जानकारी मांगी है। इन जानकारियों में जनसंख्या, उद्योग, रोजगार, आय के स्रोत, भूमि उपयोग, परिवहन व्यवस्था और अन्य विकास संबंधी आंकड़े शामिल हैं। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास रणनीति तैयार की जाएगी।

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किसानों और ग्रामीणों की भी चिंताएं

भोपाल के समीप गेहूंखेड़ा निवासी प्रशांत मीणा का कहना है कि वर्षों से मास्टर प्लान की चर्चा हो रही है, लेकिन जमीन पर परिणाम दिखाई नहीं देते। उन्होंने बताया कि उनके खेत के आसपास तेजी से प्लॉटिंग हो चुकी है और सीवेज का पानी खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।\

भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया की प्रमुख जानकारी

  • कुल जिले : 6
  • कुल तहसील : 30
  • कुल गांव : 2,510
  • कुल क्षेत्रफल : 12,098.88 वर्ग किलोमीटर
  • कुल जनसंख्या : 28.10 लाख

शहरों के लिए तैयार होगा समग्र विकास मॉडल

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि भोपाल और इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों की सीमाएं लगभग तय हो चुकी हैं। अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर दोनों शहरों के विकास का समग्र ब्लूप्रिंट बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में उद्योग, आवासीय क्षेत्र, सरकारी संस्थान, निजी निवेश, व्यावसायिक गतिविधियां और भविष्य की आधारभूत संरचना के लिए अलग-अलग जोन निर्धारित किए जाएंगे, ताकि आने वाले वर्षों में दोनों शहरों का विकास सुनियोजित और संतुलित तरीके से हो सके।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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