MP High Court :प्रमोशन में आरक्षण पर हाईकोर्ट सख्त, सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की संयुक्त अर्जी लगाने के निर्देश

जबलपुर। मप्र सरकार द्वारा प्रमोशन में आरक्षण को लेकर बनाए गए नियम की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मप्र हाईकोर्ट में अब 18 अगस्त को सुनवाई होगी। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं और प्रदेश सरकार को कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित आरबी राय केस में सुनवाई के लिए वे संयुक्त अर्जी लगाएं, ताकि मप्र सरकार के वर्ष 2025 के नियम के लागू होने की जानकारी देकर वहां पर अर्जेन्ट हियरिंग हो सके। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए जाने वाले दिशानिर्देश से 18 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर हाईकोर्ट को अवगत कराया जाए।
2025 के नियमों की संवैधानिकता को चुनौती
गौरतलब है कि भोपाल की वेटरनरी सर्जन डॉ. स्वाति तिवारी व अन्य की ओर से दायर इन याचिकाओं में मप्र सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण को लेकर वर्ष 2025 में बनाए गए नियमों की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश कौशिक, मनोज शर्मा, अधिवक्ता अमोल श्रीवास्तव, लावण्या वर्मा, मप्र सरकार की ओर से सुको के वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन, अतिरिक्त महाधिवक्ता जान्हवी पंडित, शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सिंह और हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, अधिवक्ता विनायक शाह, उत्कर्ष सोनकर हाजिर हुए।
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ओबीसी आरक्षण पर सुनवाई जारी
वहीं मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी आरक्षण दिए जाने को लेकर दाखिल की गईं 96 याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सोमवार को भी सुनवाई जारी रही। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच के सामने हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से सुको के वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक रत्ने, पी विल्सन व रामेश्वर सिंह ठाकुर ने दलीलें रखीं। इन मामलों पर मंगलवार को भी दोपहर ढाई बजे से सुनवाई जारी रहेगी।
मेडिकल डेन्टस सीटों के प्रवेश नियमों पर फैसला सुरक्षित
एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने मेडिकल और डेन्टल कोर्स के प्रवेश नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण की गणना को असंवैधानिक बताने वाली भोपाल की जिया जैन व अन्य की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई पूरी होने पर बेंच ने यह निर्देश दिए।
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याचिका में आरोप-गड़बड़ी हो रही है
याचिका में आरोप है कि सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस तथा बीडीएस सीटों के बंटवारे में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आरक्षण लागू करने में भारी गड़बड़ी की जा रही, जो अवैधानिक है। याचिका में राहत चाही गई है कि सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के हक को सुरक्षित रखने के संबंध में प्रदेश सरकार को जरूरी निर्देश दिए जाएं।












