‘कांग्रेस की सीट कांग्रेस के पास’ दतिया उपचुनlव के नतीजे पर बोले सीएम, कहा-आने वाले चुनावों में और ताकत से लड़ेंगे

भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतदाताओं का फैसला सर्वोपरि होता है। उन्होंने भाजपा के चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए भरोसा जताया कि पार्टी भविष्य के चुनावों में और अधिक मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। इस दौरान उन्होंने हाल के लोकसभा, विधानसभा उपचुनाव और राज्यसभा चुनावों में भाजपा की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।
पिछले चुनाव से ज्यादा वोट मिले
सीएम डॉ. यादव ने कहा, ‘कांग्रेस की सीट कांग्रेस के पास है। पिछले विधानसभा चुनाव से हमने 1700 वोट ज्यादा पाए हैं। जनतंत्र में हमारे प्रति जनता का विश्वास है। बीते विधानसभा के बाद से 29 की 29 लोकसभा सीटें अगर जीती है, तो आजादी के बाद पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने जीती है। सीएम मोहन यादव ने आगे कहा, लोकसभा के बाद विधानसभा के उपचुनाव में बुधनी की बीजेपी की सीट वापस हमने अपने पास रखी। अमरवाड़ा की कांग्रेस की सीट भी बीजेपी ने जीती। यह हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है’
जनता का निर्णय शिरोधार्य
डॉ. यादव ने कहा कि ‘तीनों राज्यसभा चुनाव आजादी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने जीती। लोकतंत्र में चुनाव इसी बात के लिए कहते हैं, हमने अपनी बात रखी, कांग्रेस ने अपनी बात रखी, जनता ने जो निर्णय किया, उसको शिरोधार्य करते हैं। आने वाले चुनाव में और ताकत से लड़ेंगे और जीतेंगे।’
जीतू पटवारी बोले-मप्र में बदलाव की शुुरुआत
दतिया उपचुनाव में जीत पर मप्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मतदाताओं तथा कांग्रेस एवं सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक विधानसभा उपचुनाव का परिणाम नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश में बदलाव की शुरुआत और वर्ष 2028 में बनने वाली जनपक्षीय सरकार की मजबूत नींव है।
यह चुनाव सत्ता के अहंकार से सीधी लड़ाई था
पटवारी ने कहा कि दतिया का चुनाव लोकतंत्र और सत्ता के अहंकार के बीच सीधी लड़ाई था। भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में जीत हासिल करने के लिए हर संभव सरकारी और राजनीतिक संसाधन झोंक दिए। भाजपा ने चुनाव में लगभग 50 करोड़ रुपए खर्च करने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही पार्टी के 25 मंत्री लगातार चुनाव प्रचार में डटे रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रहलाद पटेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तथा आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी भी पूरे चुनाव के दौरान दतिया में सक्रिय रहे। इसके बावजूद जनता ने सत्ता के दबाव और धनबल को नकारते हुए लोकतंत्र और जनविश्वास की जीत सुनिश्चित की।
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