इंद्रपुरी में अवैध प्रोसेस्ड वाटर यूनिट का खुलासा, 20 लीटर जार में सप्लाई हो रहा था पानी, खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन

भोपाल में लोगों की सेहत से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इंद्रपुरी इलाके में बिना वैध खाद्य लाइसेंस (FSSAI) के संचालित हो रही एक प्रोसेस्ड वाटर यूनिट पर छापेमार कार्रवाई की। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद विभाग ने यूनिट का उत्पादन, पैकिंग और बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद करा दी।
बिना लाइसेंस पैक होकर बिक रहा था पानी
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इंद्रपुरी स्थित राज एंटरप्राइजेज में निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि यहां बिना खाद्य लाइसेंस के प्रोसेस्ड पानी तैयार किया जा रहा था। यही पानी 20 लीटर के कैंपर और जार में भरकर बाजार में बेचा जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, बिना लाइसेंस इस तरह पानी की पैकिंग और बिक्री करना खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
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रोजाना 15 हजार लीटर पानी तैयार करने की क्षमता
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि यूनिट की उत्पादन क्षमता करीब 15 हजार लीटर प्रतिदिन थी। यानी हर दिन बड़ी मात्रा में प्रोसेस्ड पानी तैयार कर अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जा रहा था। इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन होने के बावजूद यूनिट के पास जरूरी अनुमति और दस्तावेज नहीं थे, जिससे विभाग ने इसे गंभीर मामला माना।
गुणवत्ता जांच की रिपोर्ट नहीं मिली
जांच के दौरान अधिकारियों ने संचालक से पेयजल की गुणवत्ता से जुड़े दस्तावेज मांगे। लेकिन यूनिट संचालक पानी की जांच रिपोर्ट, गुणवत्ता नियंत्रण रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात नहीं दिखा सका। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि किसी भी पैकेज्ड या प्रोसेस्ड पानी की बिक्री से पहले उसकी गुणवत्ता की नियमित जांच कराना और उसका रिकॉर्ड रखना जरूरी होता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि लोगों तक सुरक्षित और साफ पेयजल पहुंचे।
तुरंत बंद कराई गई यूनिट
गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके पर ही प्रोसेस्ड वाटर यूनिट का उत्पादन, पैकिंग और बिक्री बंद करा दी। विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस और जरूरी गुणवत्ता मानकों का पालन किए बिना किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ का उत्पादन नहीं किया जा सकता।
लोगों की सेहत से नहीं होगा खिलवाड़
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि बिना लाइसेंस और बिना गुणवत्ता जांच के तैयार किया गया पानी लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी कहा कि आगे भी शहर में इसी तरह की जांच अभियान जारी रहेगा। जहां भी खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध हो सकें।











