Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

सड़क सुरक्षा अभियान या फ्री हेलमेट मेला?सवालों में घिरा हेलमेंट वितरण, पुलिस भी बनी रही मुकदर्शक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी में हेलमेट जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर उन्होंने युवाओं को 2100 हेलमेट मुफ्त में बांटे और सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सवालों में घिरा हेलमेंट वितरण, पुलिस भी बनी रही मुकदर्शक
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी में हेलमेट जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर उन्होंने युवाओं को 2100 हेलमेट मुफ्त में बांटे और सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लेकिन इस अभियान के दौरान कुछ ऐसे नजारे सामने आए, जिन्होंने पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए।

    पुलिस बनी मूकदर्शक

    कार्यक्रम में पुलिस की मौजूदगी तो रही, लेकिन उनकी भूमिका पर भी सवाल उठे। सड़क पर जहां बिना हेलमेट के बाइकर्स फर्राटे भरते दिखे, वहीं पुलिस सिर्फ मूकदर्शक बनी रही। मंच पर सुरक्षा का संदेश गूंज रहा था, लेकिन सड़क पर उसका असर नजर नहीं आया।

     हेलमेट बांटते ही गायब हुए लोग

    सीएम के पहुंचने से पहले ही कई लोग कार्यक्रम स्थल पर आए और हेलमेट लेने के बाद बिना रैली में शामिल हुए गायब हो गए। कुछ तो ऐसे दिखे जैसे कह रहे हों- “काम हो गया, अब निकलो भाई!”। नतीजा ये हुआ कि रैली की जगह माहौल मुफ्त हेलमेट मेले जैसा लगने लगा।

     जागरूकता या दिखावा?

    लोगों की लापरवाही और पुलिस की चुप्पी ने इस अभियान को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। आयोजन का मकसद लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना था, लेकिन यह एक “जागरूकता अभियान से ज्यादा मुफ्त हेलमेट बांटने का कार्यक्रम” बनकर रह गया।

    बदलाव की जरूरत

    भोपाल में सड़क सुरक्षा को लेकर पहल तो सराहनीय है, लेकिन लोगों की सोच और पुलिस की गंभीरता में बदलाव लाना बेहद जरूरी है। सवाल यही उठता है- क्या यह कार्यक्रम सड़क सुरक्षा के लिए था या फिर सिर्फ एक दिखावटी इवेंट?

    Jitendra Sharma
    By Jitendra Sharma

    Latest Posts