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भोपाल : मेंडोरी के जंगल से 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश मिलने से मचा हड़कंप, पिछले तीन दिनों से चल रही आयकर विभाग की कार्रवाई, आखिर ये सोना किसका !

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भोपाल : मेंडोरी के जंगल से 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश मिलने से मचा हड़कंप, पिछले तीन दिनों से चल रही आयकर विभाग की कार्रवाई, आखिर ये सोना किसका !
भोपाल। राजधानी में आयकर विभाग और पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में एक बड़ी कामयाबी मिली है। मेंडोरी के जंगल में छुपाकर रखे गए 52 किलो सोने को जब्त किया गया है। इस सोने की बाजार में कीमत करीब 40 करोड़ 47 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा मौके से 11 करोड़ रुपए कैश भी बरामद किया गया है। इसे एक कार में छिपाकर ले जाया जा रहा था। इस कार्रवाई में 100 पुलिसकर्मी और 30 गाड़ियों का काफिला शामिल था।

तीन दिनों की छापेमारी के बाद बड़ी बरामदगी

आयकर विभाग ने भोपाल और इंदौर के कई रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर पिछले तीन दिनों से छापेमारी की थी। इसमें त्रिशूल कंस्ट्रक्शन, क्वालिटी ग्रुप और ईशान ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियों के 51 ठिकानों पर जांच की गई। इनकी ज्यादातर संपत्तियां भोपाल के नीलबड़, मेंडोरी और मेंडोरा इलाकों में हैं। इन्हीं सुरागों के आधार पर मेंडोरी के जंगल में यह ऑपरेशन किया गया।

किसका है सोना?

गाड़ी में पकड़े गए सोने को लेकर आयकर विभाग और पुलिस की टीम अब यह पता लगा रही है कि यह किसका है और इसे कहां ले जाया जा रहा था। जांच में यह संकेत मिले हैं कि सोने के तार रियल एस्टेट कारोबारियों और परिवहन विभाग से जुड़े हो सकते हैं।

परिवहन विभाग से जुड़ा हो सकता है लिंक

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में परिवहन विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी शक गहराता जा रहा है। हाल ही में लोकायुक्त पुलिस ने आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के घर पर छापा मारा था, जिसमें कई गड़बड़ियां सामने आई थीं। आयकर विभाग का मानना है कि इस नेटवर्क में राज्य के उच्च प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। आयकर विभाग ने पिछले कुछ दिनों में बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है, जो अब तक प्रादेशिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई में से एक है।

जिस कार से हुआ सोना बरामद, उस पर लिखा है आरटीओ

जिस गाड़ी के अंदर से भारी मात्रा में सोने की बरामदी की गई है, वह इनोवा मॉडल की कार है। यह कार किसी चेतन गौर की बताई जा रही है। इस पर आरटीओ लिखी प्लेट लगी थी। आशंका जताई जा रही है कि यह कार किसी आरटीओ अफसर के यहां अटैच रही होगी। जब छापे की भनक लगी होगी तब सामग्री को कार में छिपाकर सुनसान जगह खड़ा कर दिया गया होगा। बता दें, चेतन गौर ग्वालियर के निवासी हैं और पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के दोस्त बताए जा रहे हैं। ये भी पढ़ें-  CM नीतीश की बिगड़ी तबीयत : सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यक्रम रद्द, बिहार बिजनेस कनेक्ट में होने वाले थे शामिल
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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