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धार भोजशाला मामले में आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, मुस्लिम पक्ष की 5 याचिकाओं पर टिकी सबकी नजर!

धार की भोजशाला और कमाल मौला परिसर से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट बुधवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर पांच याचिकाओं पर सुनवाई कर सकता है। ये याचिकाएं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 15 मई के फैसले को चुनौती देती हैं। इससे पहले भी मामले की सुनवाई टल चुकी है, इसलिए आज की कार्यवाही पर दोनों पक्षों की नजर है।
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धार भोजशाला मामले में आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, मुस्लिम पक्ष की 5 याचिकाओं पर टिकी सबकी नजर!
भोजशाला मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला परिसर से जुड़े विवाद में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई प्रस्तावित है। मुस्लिम पक्ष की ओर से हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पांच याचिकाएं दाखिल की गई हैं। 15 मई 2026 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मामले में अपना फैसला सुनाया था। इसके बाद विवाद से जुड़े पक्षों ने शीर्ष अदालत का रुख किया। अगस्त की शुरुआत में सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब 12 अगस्त की कार्यवाही में सुप्रीम कोर्ट का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

पांच याचिकाओं पर आज सुनवाई की नजर

भोजशाला विवाद को लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पांच याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन याचिकाओं में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 15 मई के फैसले को चुनौती दी गई है। मामला अदालत की सूची में भी शामिल बताया गया है। हालांकि, किसी मामले का सूची में होना यह तय नहीं करता कि उसी दिन उसकी विस्तृत सुनवाई पूरी होगी। अदालत के कामकाज और उस दिन की सूची के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ सकती है।

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15 मई के हाईकोर्ट फैसले में क्या हुआ था?

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 15 मई 2026 को भोजशाला-कमाल मौला परिसर से जुड़े मामले में फैसला सुनाया था। अदालत ने परिसर को लेकर हिंदू पक्ष की याचिकाओं पर अपना निर्णय दिया और भोजशाला को वाग्देवी यानी मां सरस्वती के मंदिर के रूप में स्वीकार किया। इस फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट के आधिकारिक आदेश में यह भी दर्ज है कि सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देशों के तहत मामले के अंतिम निपटारे तक परिसर के चरित्र में बदलाव नहीं किया जाना है और 7 अप्रैल 2003 के एएसआई आदेश का पालन जारी रहेगा।

जुमे की नमाज को लेकर भी रहा विवाद

भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। इसी बीच शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान को लेकर भी प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच चर्चा हुई। दिए गए विवरण के मुताबिक, भोजशाला के पीछे खसरा नंबर 612 की जमीन को शुक्रवार की नमाज के लिए निर्धारित किया गया। इस व्यवस्था के तहत पिछले दो शुक्रवार को नमाज होने की बात सामने आई है। प्रशासन ने दोनों मौकों पर सुरक्षा के इंतजाम किए थे।

14 अगस्त की नमाज से पहले सुनवाई अहम

आज की सुनवाई के बाद 14 अगस्त को शुक्रवार है। ऐसे में अदालत की कार्यवाही और संभावित निर्देशों को लेकर प्रशासन की नजर भी सुप्रीम कोर्ट पर रहेगी। नमाज की व्यवस्था से जुड़े किसी भी नए निर्देश के अनुसार आगे की तैयारी की जा सकती है। वहीं, स्थानीय स्तर पर दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों को लेकर सक्रिय हैं। हिंदू पक्ष की ओर से भोजशाला में पूजा और अन्य धार्मिक गतिविधियों को लेकर अपनी बात रखी जा रही है, जबकि मुस्लिम पक्ष परिसर से जुड़े अपने दावों और अधिकारों को लेकर कानूनी रास्ता अपना रहा है।

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विवाद की जड़ में क्या है?

धार की भोजशाला लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद का केंद्र रही है। हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का मंदिर और मुस्लिम पक्ष परिसर को कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा स्थल बताता रहा है। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई के संरक्षण में आने वाला ऐतिहासिक स्मारक है। मामले में वैज्ञानिक सर्वे और पुरातात्विक रिपोर्ट भी पहले न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रही है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब विवाद का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही है। 

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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