
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले भाटापारा में अचानक हिंसा हो गई। रात में भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह के घर के पास फायरिंग और बमबाजी हुई, जिसमें CISF का एक जवान घायल हो गया। गोली उसके पैर में लगी और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के बाद इलाके में डर और तनाव फैल गया। दोनों पक्षों में आरोप प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है और राज्य से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले उत्तर 24 परगना जिले का भाटापारा इलाका अचानक हिंसा की चपेट में आ गया। रविवार देर रात यहां गोलीबारी और बमबाजी की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। इस घटना में भारतीय सुरक्षा बल के जवान के घायल होने की खबर सामने आई है, जिसके बाद इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। चुनाव से पहले हुई इस घटना ने राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना उस समय हुई जब भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह के आवास के आसपास अचानक माहौल बिगड़ गया। इसी दौरान गोलीबारी की घटना हुई जिसमें सुरक्षा में तैनात एक केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान के पैर में गोली लग गई। घायल जवान को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका इलाज जारी है।
हिंसा की शुरुआत उस समय हुई जब इलाके में एक राजनीतिक कार्यकर्ता पर हमले का आरोप लगा। इसके बाद संबंधित पक्ष शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, जहां दोनों राजनीतिक दलों के समर्थक आमने सामने आ गए। देखते ही देखते थाने के बाहर बहस तेज हो गई और मामला हाथापाई और पत्थरबाजी तक पहुंच गया।
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थाने के पास हुई झड़प के कुछ समय बाद स्थिति और बिगड़ गई। भाजपा उम्मीदवार के घर के आसपास फायरिंग और देसी बम फेंके जाने की भी खबर सामने आई। इस अचानक हुई हिंसा से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अचानक तेज आवाजें सुनीं और इसके बाद अफरा तफरी मच गई। सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और इलाके को अपने नियंत्रण में लिया।
इस घटना के बाद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक पक्ष का कहना है कि उनके समर्थकों को जानबूझकर निशाना बनाया गया और सुरक्षा व्यवस्था पर हमला किया गया। वहीं दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि हिंसा की शुरुआत पहले पक्ष की तरफ से हुई थी और उनके कार्यकर्ताओं पर पहले हमला किया गया। इस विवाद ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य प्रशासन से पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही मतदान से पहले क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इलाके में अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की दोबारा हिंसा को रोका जा सके।
घटना के बाद भाटापारा और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सीसीटीवी फुटेज की मदद से घटना की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोलीबारी किसने की।
इस घटना ने मतदान से ठीक पहले सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में डर का माहौल है और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। चुनाव आयोग ने कहा किया है कि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे और हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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