
नेशनल डेस्क। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की कथित हत्या की निंदा करते हुए साफ कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की हिंसक राजनीति के आगे झुकने वाली नहीं है। राहुल गांधी ने इसे भारत की अहिंसक परंपरा पर धब्बा बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के मुताबिक, आसनसोल में चुनाव बाद हिंसा के दौरान देबदीप चटर्जी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। कांग्रेस का दावा है कि चटर्जी, आसनसोल उत्तर सीट से पार्टी प्रत्याशी प्रसेनजीत पुइतांडी के करीबी सहयोगी थे। प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों ने उनकी जमकर पिटाई की, जिसके चलते कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई।
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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, 'चुनाव के बाद तृणमूल के गुंडों द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की हत्या किया जाना बेहद निंदनीय है। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। आज पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि तृणमूल के आतंक का राज है। मतदान के बाद विरोधियों को डराना-धमकाना, उनपर हमला करना और उनकी आवाज दबा देना- यही तृणमूल कांग्रेस का मूल स्वभाव बन गया है।'
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 'हमने भी अपने कार्यकर्ताओं को खोया है, फिर भी हमने हमेशा अहिंसा और संविधान का मार्ग चुना है। यही हमारी विरासत है, यही हमारा संकल्प है। हमारी मांग स्पष्ट है कि सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और देबदीप के परिवार को पूर्ण सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'हम इस राजनीति के आगे नहीं झुकेंगे, जो भारत की अहिंसक परंपरा को कलंकित करती है। न्याय जरूर मिलेगा।'
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प्रदेश कांग्रेस ने भी इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि इस घटना से साफ होता है कि बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और विपक्षी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। पार्टी ने दोहराया कि लोकतंत्र भय और हिंसा के माहौल में नहीं चल सकता और वह पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।