‘UP-बिहार समेत 4 राज्यों के पुरुषों को नौकरी नहीं देंगे’, बेंगलुरु के CEO की पोस्ट से मचा विवाद

बेंगलुरु की एक कंपनी के संस्थापक और CEO कार्तिक एसजी की सोशल मीडिया पोस्ट ने नौकरी और क्षेत्रीय पहचान को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कार्तिक ने एक्स पर दावा किया कि उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी नहीं देगी। उन्होंने इस फैसले के पीछे एक पूर्व कर्मचारी से जुड़ी कथित घटना और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का हवाला दिया। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी नहीं देने का दावा
कार्तिक एसजी, जिन्हें कार्तिक शेनॉय के नाम से भी जाना जाता है, बेंगलुरु स्थित A1 Sports World के संस्थापक और CEO हैं। 22 सितंबर 2026 को उनके एक्स पोस्ट के बाद यह मामला चर्चा में आया। पोस्ट में उन्होंने कहा कि कंपनी ने लंबी चर्चा के बाद उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश से आने वाले पुरुष उम्मीदवारों को हायर नहीं करने का फैसला किया है। उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि किसी उम्मीदवार की नौकरी उसके राज्य और लिंग के आधार पर तय की जानी चाहिए या नहीं।
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पूर्व कर्मचारी से जुड़ी घटना का दिया हवाला
कार्तिक ने बाद की पोस्ट में अपने फैसले की वजह भी बताई। उनके मुताबिक, करीब दो सप्ताह पहले चार राज्यों में से एक से जुड़े एक पुरुष कर्मचारी को कंपनी से निकाला गया था। कार्तिक का आरोप है कि उस कर्मचारी को महिला कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर दो बार चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ और उसने कथित तौर पर एक महिला कर्मचारी के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कार्तिक ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी का काम बच्चों के साथ भी जुड़ा है, इसलिए टीम और बच्चों की सुरक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित कर्मचारी का बायोडाटा और शुरुआती जांच सामान्य थी, लेकिन नौकरी शुरू करने के कुछ समय बाद उसके व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आईं।
सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं
CEO की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ यूजर्स ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही और कार्तिक के फैसले का समर्थन किया। वहीं, कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि एक कर्मचारी पर लगे आरोपों के आधार पर चार पूरे राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी से बाहर रखना उचित है या नहीं। आलोचकों ने कहा कि उम्मीदवारों का आकलन उनकी योग्यता, अनुभव और व्यक्तिगत व्यवहार के आधार पर होना चाहिए, न कि उनके जन्मस्थान के आधार पर।
‘एक व्यक्ति की गलती का असर सभी पर क्यों?’
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने तर्क दिया कि अगर किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत है तो उसके खिलाफ व्यक्तिगत स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ यूजर्स ने बेहतर भर्ती प्रक्रिया, व्यक्तिगत जांच और मजबूत कार्यस्थल सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत बताई। दूसरी ओर, कार्तिक ने आलोचनाओं के जवाब में अपने फैसले का बचाव किया और कहा कि वह अपनी कंपनी की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह इस फैसले पर कायम हैं।



















