दुनिया की बड़ी AI कंपनियों के बॉस ने UN से लगाई गुहार कि AI को कंट्रोल करना जरूरी, सही तरीके से मैनेज नहीं किया तो मानवता के लिए खतरा

संयुक्त राष्ट्र। दुनिया की बड़ी AI कंपनियों के प्रमुखों ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि दुनिया को, या कम से कम लोगों को AI से बचाया जाए। उनका कहना था कि जिस तेजी से यह टेक्नोलॉजी फैल रही है, उसे रेगुलेट करना बेहद जरूरी है। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने चेतावनी देते हुए कहा, अगर इसे सही तरीके से मैनेज नहीं किया गया, तो AI पूरी मानवता के लिए खतरा बन सकता है। वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा- हो सकता है कि भविष्य पर हमारा नियंत्रण ही खत्म हो जाए और AI का कब्जा हो जाए। दोनों ने UN सिक्योरिटी काउंसिल में बुधवार को अपनी बात रखते हुए कहा कि दुनिया के देशों को मिलकर ऐसे सुरक्षा उपाय करने होंगे, ताकि यह टेक्नोलॉजी इतनी ताकतवर न बन जाए कि इसे काबू करना नामुमकिन हो जाए। वहीं, दुनिया के ज्यादातर नेताओं के लिए AI को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है - जिंदगी और मौत से जुड़े फैसले किसके हाथ में होने चाहिए, इंसान के या मशीन के?
फायदों का भी जिक्र किया
दोनों ने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि AI की ताकत किसी एक कंपनी या एक देश के हाथ में न सिमट जाए। उन्होंने इस टेक्नोलॉजी के फायदों का भी जिक्र किया और सैम ऑल्टमैन ने कहा कि इससे लोगों को अपनी जिंदगी पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा। सिक्योरिटी काउंसिल में ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा कि ये टेक लीडर्स साफ तौर पर बता रहे हैं कि दुनिया को तबाही से बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ उन पर नहीं छोड़ी जा सकती। उन्होंने कहा, हम उनकी बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते, क्योंकि वे सही कह रहे हैं।
अमेरिका का रुख अलग रहा
व्हाइट हाउस के साइंस एडवाइजर माइकल क्रैट्सियोस ने कहा कि AI को लेकर चिंताएं इसके आगे के डेवलपमेंट को रोकने या नए ग्लोबल गवर्नेंस सिस्टम से इसे बांधने की वजह नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि हमारे सहयोगी और पार्टनर यानी आप सब, इस टेक्नोलॉजी के फायदों में हिस्सेदार बनें।
चीन भी विरोध में
अमेरिका और चीन के बीच AI पर बढ़त बनाने की रेस चल रही है, और UN में चीन के एम्बेसडर फू कोंग ने जोर देकर कहा कि हर देश को अपनी मर्जी से AI टेक्नोलॉजी चुनने की आजादी मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि टेक सेक्टर में 'हम बनाम वे' जैसा छोटा ग्रुप न बनाया जाए और दूसरे देशों को किसी एक पक्ष को चुनने के लिए मजबूर न किया जाए। साथ ही उन्होंने उन बड़ी ताकतों को बढ़ावा न देने की बात कही, जिन्हें उन्होंने डिजिटल दबदबे की चाह रखने वाला बताया। इसके बजाय उन्होंने देशों से ओपन-सोर्स मॉडल को बढ़ावा देने की अपील की, जो चीन का अपना तरीका है।
G20 में AI होगा बड़ा मुद्दा
मिलिबैंड ने बताया कि अगले साल जब UK G20 की अध्यक्षता करेगा, तो वह AI पर नियंत्रण को चर्चा के केंद्र में रखेगा। वह ग्लोबल स्टैंडर्ड्स का एक ऐसा सेट तैयार करने की कोशिश करेगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि AI का डेवलपमेंट सुरक्षित तरीके से हो।




















