CM Youth Conclave में बोले युवा-मप्र में जॉब सिक्योरिटी तो है, लेकिन अच्छा पैकेज नहीं

भोपाल। राजधानी में आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में लाल परेड मैदान युवाओं से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के लिए कई घोषणाएं कीं, वहीं पीपुल्स समाचार ने कॉन्क्लेव में पहुंचे युवाओं से जाना कि वे सरकार से क्या उम्मीद रखते हैं और प्रदेश में रोजगार, नशामुक्ति, विकास व इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उनकी क्या राय है। रोजगार को लेकर ज्यादातर युवाओं की चिंता एक जैसी दिखी। उनका कहना था कि मप्र में नौकरी के अवसर तो हैं, लेकिन वेतन और पैकेज बेहतर नहीं होने से प्रतिभाशाली युवा दूसरे राज्यों और महानगरों का रुख कर रहे हैं।
नशा सप्लायरों पर हो सख्त कार्रवाई
शिवेंद्र तिवारी
वीएनएस कॉलेज के फार्मेसी स्टूडेंट शिवेंद्र तिवारी ने कहा कि सरकार ने 2029 तक मप्र को नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन इसके लिए ड्रग सप्लायरों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। बड़े शहरों जैसी सुविधाएं गांवों में भी मिलनी चाहिए। मप्र में नौकरी की सुरक्षा तो है, लेकिन अच्छा पैकेज नहीं है। इंडस्ट्री आना अच्छी बात है, लेकिन विकास के नाम पर जंगल और पेड़ों को नुकसान नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री से पूछता कि बेरोजगारी खत्म करने के लिए सरकार का रोडमैप क्या है।
एआई और नई टेक्नोलॉजी में अवसर बढ़ें
अभिनव श्रीवास्तव
बीयू के बीटेक स्टूडेंट अनुभव श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य के लिए नई टेक्नोलॉजी और एआई के क्षेत्र में वास्तविक अवसर पैदा करने चाहिए। योजनाएं केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें। मप्र में नौकरी तो है, लेकिन बेहतर पैकेज नहीं होने से युवा बाहर जा रहे हैं। नशामुक्ति के लिए कड़े कानून जरूरी हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ रहा है, लेकिन दूसरे राज्यों की तुलना में अभी और काम की जरूरत है।
महानगरों की ओर पलायन रोकना होगा
राज परमार
एलएनसीटी कॉलेज के बीटेक स्टूडेंट राज परमार ने कहा कि मप्र में शिक्षा का माहौल और बेहतर करने की जरूरत है, ताकि योग्य युवाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिल सकें। नौकरी मिलने के बाद भी पर्याप्त पैसा और सुविधाएं नहीं हैं, इसलिए युवा मेट्रो सिटी जाना पसंद करते हैं। नशामुक्ति के लिए शराब दुकानों को सीमित करने जैसे कदम उठाने चाहिए। छोटे शहरों में भी बड़े शहरों जैसी सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हों। मुख्यमंत्री से पूछता कि प्रदेश का टैलेंट बाहर जाने से कैसे रोकेंगे।
नेताओं-अफसरों के काम का ऑडिट हो
मानस पवार
बीटेक स्टूडेंट मानस परमार ने कहा कि सरकार के कामकाज की नियमित ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि नेताओं और अफसरों की जवाबदेही तय हो। पढ़ाई और नौकरियों में आरक्षण के मौजूदा पैरामीटर पर भी नए सिरे से विचार होना चाहिए। मेरा मानना है कि मप्र में नौकरी मिलना आसान नहीं है और नौकरी मिलने पर भी अच्छा पैकेज नहीं मिलता। मौका मिलता तो मुख्यमंत्री से पूछता कि रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को बेहतर वेतन दिलाने के लिए सरकार की ठोस योजना क्या है?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का युवाओं से संवाद
अपर्णा (सरोजिनी नायडू कॉलेज) - सोशल मीडिया से दौर में भारतीय संस्कृति कैसे जुडे रहे?
मुख्यमंत्री-तकनीक का उपयोग प्रबंधन और रोजगार में करें, लेकिन प्रकृति और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान बनाए रखें। सिंहस्थ (उज्जैन) में 30-40 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए एआई का उपयोग किया जा रहा है।
मायसा खान,( ओरिएंटल इंस्टिट्यूट)-युवाओं को कृषि व्यवसाय और निजी क्षेत्रों से जोड़ने के लिए क्या योजनाएं हैं?
मुख्यमंत्री-खेत से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक वैल्यू चेन तैयार की जा रही है। ड्रैगन फ्रूट, मशरूम और ऑर्गेनिक/कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। किसानों को 10 घंटे बिजली और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित है।
ईशा बारस्कर(एलएनसीटी कॉलेज) –एआई और स्टार्टअप के क्षेत्र में युवाओं के लिए सरकार क्या कर रही है?
मुख्यमंत्री-भोपाल में एआई सिटी, नॉलेज सिटी और साइंस सिटी विकसित की जा रही हैं। सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न क्षेत्रों में इनोवेशन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। स्टार्टअप के लिए युवाओं को 5 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। हमारा प्रयास है कि युवा रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। इसके लिए इंदौर, रीवा और उज्जैन में आईटी पार्क तथा ग्वालियर में टेलीकॉम जोन विकसित किए जा रहे हैं।
लक्ष्य श्रीवास्तव(स्कोप ग्लोबल यूनिवर्सिटी)–मध्यप्रदेश को स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए सरकार क्या कर रही है?
मुख्यमंत्री-भोपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। खेलों को विषय के रूप में शामिल किया गया है और कोच के प्रमोशन की व्यवस्था की गई है। हर विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम बनाने की योजना है। शूटिंग और आर्चरी में भी प्रदेश के खिलाड़ी मेडल ला रहे हैं। वर्ष 2027 में खेल सरकार की टॉप प्रायोरिटी में रहेगा।
डॉ. निशा चटर्जी–युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए सरकार क्या कर रही है?
मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जा रही है।
अनिकेत तिवारी(आईईएचई)–विकसित भारत की यात्रा में मध्यप्रदेश के युवाओं की क्या भूमिका होगी?
मुख्यमंत्री-युवाओं को परिवार, समाज और देश के लिए योगदान देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी सहित इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार किया जा रहा है।




















