धान पंजीयन में तकनीकी अड़चन से परेशान बाड़ी के किसान, गिरदावरी और एग्रीटेक पोर्टल में आ रहा एरर
बाड़ी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों के बीच बाड़ी क्षेत्र के किसानों को पंजीयन कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि गिरदावरी और एग्रीटेक पोर्टल में तकनीकी दिक्कत के कारण पंजीयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इसके चलते सैकड़ों किसान रोजाना पंजीयन केंद्रों और संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। जिला सहकारी बैंक बाड़ी के अंतर्गत बाड़ी, भैंसाया, गुगलवाड़ा और कनवार कृषक सेवा सहकारी संस्थाओं को धान तुलाई और पंजीयन केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों से जुड़े बड़ी संख्या में किसान अपना पंजीयन कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण कई आवेदनों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
खुद की और सिकमी जमीन का एक साथ नहीं हो रहा पंजीयन
किसानों के मुताबिक पंजीयन के दौरान स्वयं की भूमि और सिकमी भूमि का एक साथ पंजीयन नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा गिरदावरी और एग्रीटेक पोर्टल पर बार-बार एरर आने के कारण जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही। किसानों का कहना है कि वे सुबह से पंजीयन केंद्रों पर पहुंचते हैं, लेकिन तकनीकी समस्या दूर नहीं होने के कारण बिना पंजीयन कराए वापस लौटना पड़ता है। कई किसानों को एक ही समस्या के समाधान के लिए बार-बार केंद्रों पर आना पड़ रहा है।
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पंजीयन नहीं हुआ तो समर्थन मूल्य पर बिक्री में परेशानी
किसानों को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि समय पर पंजीयन नहीं होने की स्थिति में वे अपनी धान की उपज समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाएंगे। किसानों का कहना है कि ऐसी स्थिति बनी रही तो उन्हें मजबूरी में अपनी उपज व्यापारियों को कम कीमत पर बेचनी पड़ सकती है। किसानों के मुताबिक समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए पंजीयन जरूरी है। ऐसे में तकनीकी समस्या के कारण यदि पंजीयन प्रक्रिया अटकती रही तो इसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ सकता है।
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किसानों ने पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की
किसान सुनील शर्मा, सूरज कुशवाहा, राजीव ठाकुर, पवन चौहान और दीपक तेकाम सहित अन्य किसानों ने प्रशासन से तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है। किसानों ने कहा कि गिरदावरी और एग्रीटेक पोर्टल की तकनीकी खामियां जल्द दूर कर पंजीयन प्रक्रिया को सुचारू किया जाए। साथ ही यदि निर्धारित समय के भीतर समस्या का समाधान नहीं होता है तो पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि तकनीकी दिक्कत के कारण कोई किसान समर्थन मूल्य के लाभ से वंचित न रह जाए। किसानों का कहना है कि धान खरीदी का समय नजदीक आने के कारण पंजीयन प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी आगे चलकर उनके लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए प्रशासन को तकनीकी समस्या का जल्द समाधान कर सभी पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करना चाहिए।





















