Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

उत्तरकाशी में बारिश-बर्फबारी के बीच फंसे 136 ट्रेकर्स, 5 हेलीकॉप्टर तैनात, रेस्क्यू जारी

उत्तराखंड में बारिश, भूस्खलन और बर्फबारी के कारण उत्तरकाशी में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 लोग फंसे हैं। उन्हें निकालने के लिए पांच हेलीकॉप्टर पहुंच चुके हैं। प्रशासन, SDRF और अन्य टीमें रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। वहीं, केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा के पास फंसे करीब 1,500 यात्रियों को सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड पहुंचाया गया है।
उत्तरकाशी में बारिश-बर्फबारी के बीच फंसे 136 ट्रेकर्स, 5 हेलीकॉप्टर तैनात, रेस्क्यू जारी
उत्तराखंड में बारिश, भूस्खलन और बर्फबारी के कारण उत्तरकाशी में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 लोग फंसे हैं।

उत्तराखंड में बारिश, भूस्खलन और बर्फबारी ने ऊंचाई वाले इलाकों में ट्रेकिंग कर रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तरकाशी में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 लोग फंसे हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए पांच हेलीकॉप्टर पहुंच चुके हैं। वहीं, केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा के पास फंसे करीब 1,500 यात्रियों को बचाव दलों ने सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड पहुंचाया है।

उत्तरकाशी में 136 लोगों को निकालने की तैयारी

खराब मौसम के कारण उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 ट्रेकर्स और सपोर्ट स्टाफ फंसे हुए हैं। इनमें देश और विदेश से आए पर्वतारोही भी शामिल हैं। सभी को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पांच हेलीकॉप्टर उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं। जिला प्रशासन, वन विभाग, SDRF, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मिलकर रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। टीमों का लक्ष्य ट्रेकर्स और उनके साथ मौजूद पोर्टर्स को सुरक्षित जगह तक पहुंचाना है।

ऊंचाई वाले बेस कैंप में भी लोग मौजूद

जानकारी के मुताबिक, कालिंदी पास बेस कैंप में 18 लोग और ऑडेन्स कोल पास बेस कैंप में 29 लोग मौजूद हैं। बाकी ट्रेकर्स और सपोर्ट स्टाफ भी सुरक्षित जगहों पर रुके हुए हैं। प्रशासन ने उन्हें आगे ट्रेकिंग पर जाने से रोक दिया है। जिला मजिस्ट्रेट लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं और कंट्रोल रूम से अपडेट ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से फंसे लोगों के रहने, खाने और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी की जा रही है।

ये भी पढ़ें: पहाड़ी से पहले गिरते रहे पत्थर, फिर अचानक खिसका पूरा पहाड़; शिमला में लैंडस्लाइड का खौफनाक मंजर

केदारनाथ मार्ग पर 1,500 यात्री फंसे थे

इधर, केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी रविवार देर रात भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में यात्री फंस गए थे। 27 सितंबर की रात रुद्रप्रयाग जिला कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि गौरीकुंड से करीब तीन किलोमीटर दूर चिरबासा के पास रास्ता बंद हो गया है और कई यात्री दूसरी तरफ फंसे हैं। सूचना मिलते ही SDRF सोनप्रयाग की टीम सब-इंस्पेक्टर आशीष डिमरी के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। वहां चिरबासा हेलीपैड के पास मलबे के कारण रास्ता बंद था और पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे।

SDRF, NDRF और DDRF ने चलाया अभियान

खतरनाक हालात को देखते हुए SDRF, NDRF और DDRF की टीमों ने मिलकर बचाव अभियान शुरू किया। बचाव दलों ने सावधानी से यात्रियों को भूस्खलन वाले हिस्से से बाहर निकाला और सुरक्षित रास्ते से गौरीकुंड की ओर पहुंचाया। करीब 1,500 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। लगातार पत्थर गिरने और दोबारा मलबा आने के खतरे के बीच टीमों ने आपसी तालमेल से अभियान पूरा किया।

ट्रेकर्स और यात्रियों की सुरक्षा पर नजर

उत्तरकाशी में फंसे ट्रेकर्स को निकालने का अभियान जारी है। प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम और रास्तों की स्थिति पर नजर रखी है। वहीं, केदारनाथ मार्ग पर यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद भी प्रभावित इलाके की निगरानी की जा रही है। बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जोखिम वाले रास्तों पर आगे न बढ़ने की अपील की गई है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

Latest Posts