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इंदौर में फिर लौट आया पानी का संकट: बंद बोरिंगों ने बढ़ाई परेशानी, टैंकरों की मांग तेज

इंदौर में फिर लौट आया पानी का संकट: बंद बोरिंगों ने बढ़ाई परेशानी, टैंकरों की मांग तेज
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इंदौर। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण शहर में एक बार फिर पानी की किल्लत गहराने लगी है। कुछ समय पहले जिन इलाकों में बोरिंग चालू होने से लोगों को राहत मिली थी, वहां अब दोबारा पानी की समस्या सामने आने लगी है। कई वार्डों और कॉलोनियों से टैंकरों की मांग लगातार बढ़ रही है। नगर निगम द्वारा पानी सप्लाई के लिए कुल 272 टैंकर दौड़ाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।

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300 टैंकर बंद करने के बाद फिर बढ़ी जरूरत

कुछ महीने पहले शहर में पानी की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर होने के बाद नगर निगम ने किराए पर लिए गए करीब 300 टैंकरों को बंद कर दिया था। उस समय कई क्षेत्रों के बोरिंग में पानी की स्थिति सुधर गई थी। लंबे समय से बंद पड़े कुछ बोरिंग भी दोबारा चालू किए गए थे, जिससे स्थानीय रहवासियों को टैंकरों पर निर्भरता से राहत मिली थी।लेकिन अब हालात फिर बदलने लगे हैं। बारिश कम होने के कारण कई इलाकों में बोरिंग की स्थिति दोबारा खराब हुई है। कुछ जगह बोरिंग बंद हो गए हैं, तो कई क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता कम होने से लोगों को फिर टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है।

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272 टैंकर दौड़ रहे, फिर भी कई वार्डों में मांग

वर्तमान में नगर निगम के 85 से अधिक छोटे-बड़े टैंकर उपलब्ध हैं। इसके अलावा कुछ टैंकर किराए पर लेकर भी पानी की सप्लाई की जा रही है। निगम और किराए के मिलाकर कुल 272 टैंकर शहर में पानी बांटने के लिए लगाए गए हैं।इसके बावजूद कई वार्डों में टैंकरों की मांग लगातार बनी हुई है। मध्य क्षेत्र से लेकर विभिन्न कॉलोनियों तक रहवासी पानी की समस्या को लेकर अपने पार्षदों से शिकायत कर रहे हैं। कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति प्रभावित होने के कारण टैंकरों की मांग बढ़ती जा रही है।

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बोरिंग चालू हुए तो मिली थी राहत, अब फिर बिगड़े हालात

करीब डेढ़ से दो महीने पहले तक शहर के कई हिस्सों में बोरिंग की स्थिति ठीक थी। इस दौरान कुछ ऐसे बोरिंग भी फिर से चालू हो गए थे, जो पहले पानी की कमी के कारण बंद हो चुके थे। इससे कई इलाकों में टैंकरों की जरूरत कम हुई और रहवासियों ने राहत की सांस ली थी।हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। अब कई स्थानों पर बोरिंग दोबारा जवाब देने लगे हैं। पानी का स्तर प्रभावित होने से कुछ बोरिंग बंद हो गए हैं और इसका सीधा असर स्थानीय जलापूर्ति पर पड़ा है।

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मध्य क्षेत्र समेत कई कॉलोनियों में ज्यादा परेशानी

नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन इलाकों में पानी पहुंचाने की है, जहां बोरिंग से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। मध्य क्षेत्र के अलावा कई कॉलोनियों और वार्डों से टैंकरों की मांग आ रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पास भी लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं।एक ओर निगम के टैंकर अलग-अलग क्षेत्रों में पानी सप्लाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बढ़ती मांग के कारण उपलब्ध टैंकरों पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में कई इलाकों में लोगों को टैंकर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

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अफसरों की जल्द होगी बैठक

बढ़ती समस्या को लेकर नगर निगम के नर्मदा प्रोजेक्ट और जल यंत्रालय विभाग के अधिकारियों की अगले दो से तीन दिनों में बैठक होने वाली है। बैठक में शहर की मौजूदा जल स्थिति की समीक्षा के साथ टैंकरों की व्यवस्था और पानी की सप्लाई से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।निगम अधिकारियों के सामने फिलहाल चुनौती यह है कि जिन इलाकों में बोरिंग की क्षमता घट गई है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए नियमित पानी कैसे पहुंचाया जाए।

बारिश पर टिकी बड़ी उम्मीद

शहर की जल व्यवस्था में बोरिंग और टैंकरों की भूमिका फिलहाल अहम बनी हुई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से बोरिंग पर दबाव बढ़ रहा है और इसके चलते टैंकरों की जरूरत भी बढ़ रही है। यदि आने वाले दिनों में जल स्रोतों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कई वार्डों में टैंकरों की मांग और बढ़ सकती है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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