बाबा सिद्दीकी मर्डर केस : पंजाब से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का मददगार गिरफ्तार, अब तक 24 की गिरफ्तारी

मुंबई/चंडीगढ़। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने 24वीं गिरफ्तारी की और पंजाब से आकाश दीप गिल को पकड़ा। मुंबई पुलिस के अधिकारी ने यह जानकारी दी है। मुंबई क्राइम ब्रांच और पंजाब पुलिस की एजीटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई की है।
मुख्य शूटर शिवकुमार बहराइच से गिरफ्तार[/caption]
ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया जा रहा आरोपी
अधिकारी ने बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच और पंजाब पुलिस की गैंगस्टर रोधी कार्य बल (एजीटीएफ) की संयुक्त कार्रवाई में फाजिल्का निवासी गिल को गिरफ्तार किया। अधिकारी ने बताया, "उसने गोलीबारी में सहायता प्रदान की थी। गिल को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया जा रहा है।" वहीं, पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि आरोपी गिल पंजाब के फाजिल्का जिले के पक्का चिश्ती का रहने वाला है। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मददगार है और बाबा सिद्दीकी की हत्या में संलिप्त शूटरों की मदद कर रहा था।''मुख्य शूटर शिवकुमार को किया था गिरफ्तार
गैंगस्टर रोधी कार्य बल (एजीटीएफ) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रमोद बान ने कहा कि स्थानीय पुलिस बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले में मुंबई पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है। अब तक इस मामले में 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने हाल ही में इस मामले में उत्तर प्रदेश के बहराइच से कथित मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार गौतम 12 अक्टूबर से फरार था और उसे नेपाल भागने की कोशिश करते समय पकड़ा गया। [caption id="attachment_140410" align="aligncenter" width="600"]
मुख्य शूटर शिवकुमार बहराइच से गिरफ्तार[/caption]
शिवकुमार ने बताया कैसे दिया हत्या को अंजाम
शिवकुमार ने पूछताछ में बताया, ‘मैं और धर्मराज कश्यप एक ही गांव के रहने वाले हैं। पूना में स्क्रैप का काम करता था। मेरी और शुभम लोनकर की दुकान अगल-बगल थी। शुभम लोनकर लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करता है। उसने कई बार स्नैप चैट के जरिए मेरी बात लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई से कराई। अनमोल ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के बदले 10 लाख रुपए देने की बात कही थी। इसके साथ ही कहा था कि, हर महीने कुछ न कुछ मिलता ही रहेगा।’ ‘शुभम लोनकर और मोहम्मद यासीन अख्तर ने हत्या के लिए असलहा, कारतूस, सिम व मोबाइल फोन दिया था। तीनों शूटरों को हत्या के बाद आपस में बात करने के लिए नए सिम व मोबाइल फोन दिए गए थे। कई दिनों तक मुंबई में बाबा सिद्दीकी की रेकी करने के बाद 12 अक्टूबर की रात सही मौका मिलने पर हम लोगों ने उसकी हत्या कर दी। त्योहार होने के कारण भीड़भाड़ भी थी, जिसकी वजह से दो लोग मौके पर पकड़ लिए गए थे और मैं फरार हो गया।’ ‘मैं फोन रास्ते में फेंक कर मुंबई से पुणे चला गया। वहां से झांसी और लखनऊ के रास्ते बहराइच पहुंचा। अपने साथियों व हैंडलर्स से बीच-बीच में मैं किसी का भी फोन मांग कर बात करता रहा। ट्रेन में एक यात्री से फोन मांग कर मैंने अनुराग कश्यप से बात की थी। उसने कहा था अखिलेंद्र, ज्ञान प्रकाश और आकाश ने तुम्हें नेपाल में छिपाने की व्यवस्था कर ली है। इसीलिए मैं बहराइच आया और अपने साथियों के साथ मिलकर नेपाल भागने की फिराक में था।’





















