Ayodhya Ram Mandir : रामलला की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का पांचवां दिन, मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास बोले- नई प्रतिमा में राम की आंखों से कपड़ा हटाना गलत... जांच हो

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 16 जनवरी से शुरू हुए प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का शनिवार 20 जनवरी को पांचवां दिन है। शर्कराधिवास, फलाधिवास और पुष्पाधिवास का अनुष्ठान होगा। आज रामलला वास्तु शांति के बाद सिंहासन पर विराजेंगे। इससे पहले 19 जनवरी को रामलला की पूरी तस्वीर सामने आई, जिसमें उनका पूरा चेहरा दिखा। इसको लेकर राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, प्राण प्रतिष्ठा से पहले नई प्रतिमा में भगवान राम की आंखों से कपड़ा नहीं हटा सकते। अगर ऐसी तस्वीर सामने आ रही है तो इसकी इसकी जांच होनी चाहिए।
मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने जताई नाराजगी
मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा, जब निर्णय हो जाता है कि इस मूर्ति को स्थापित किया जाना है तो उसके नेत्र ढंक दिए जाते हैं। उसके बाद स्थापित कर दिया जाता है। ये काम वहीं (गर्भगृह) में होता है। जिस मूर्ति में भगवान राम की आंखें देखी जा सकें, वह असली मूर्ति नहीं है। उसका वैसा स्वरूप है ही नहीं। प्राण प्रतिष्ठा के पहले प्रतिमा का सबकुछ (स्नान, शृंगार, भोग) हो सकता है, लेकिन आंखों से कपड़ा नहीं हटा सकते। अगर किसी ने आंख से कपड़ा हटा दिया है तो इसकी जांच होनी चाहिए। प्राण प्रतिष्ठा के पहले तक जो भी कर्मकांड चल रहे हैं, उसमें भी प्रतिमा की आंखें ढंकी रहेंगी। शरीर से कपड़ा हटाया जा सकता है, क्योंकि कई अनुष्ठान (जैसे जलाधिवास, केसराधिवास) होते हैं, लेकिन आंखें नहीं दिखाई जा सकतीं।
अस्थाई मंदिर में रामलला के दर्शन हुए बंद
शुक्रवार (19 जनवरी) शाम सात बजे से अस्थाई मंदिर में रामलला के दर्शन बंद हो गए। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद नए मंदिर में 23 जनवरी से श्रद्धालुओं को दर्शन मिलेंगे। पाकिस्तान से हिंगलाज शक्तिपीठ का जल अयोध्या पहुंचेगा। 22 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू होगा, जिसमें सोने की सिलासा से भगवान के नयन खोले जाएंगे। इसके साथ ही सप्ताहभर का अनुष्ठान समाप्त हो जाएगा।प्राण प्रतिष्ठा उत्सव में आमंत्रित महानुभावों के लिए जानकारी
भगवान श्री रामलला सरकार के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव में प्रवेश केवल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा जारी की गई प्रवेशिका के माध्यम ही संभव है। केवल निमंत्रण पत्र से आगंतुकों को प्रवेश सुनिश्चित नहीं हो पाएगा। प्रवेशिका पर बने QR code के मिलान के पश्चात ही परिसर के प्रवेश संभव हो पाएगा।
सोने की चरण पादुका पहुंची राम मंदिर
अयोध्या जन्मभूमि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन पूजन के लिए एक चरण पादुका लाई गई है। पूजा के लिए इनका इस्तेमाल किया जाएगा, यह वैकल्पिक स्वर्ण चरण पादुका है। राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।अयोध्या पहुंचा म्यूजिक बैंड
रामलला के स्वागत के लिए म्यूजिक बैंड अयोध्या पहुंच गया है। इस दौरान बैंड ने प्रभु राम के ‘श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में…’ भजन को लेकर एक प्रस्तुति दी।
रामलला की मूर्ति को परिसर में घुमाया
बता दें कि इससे पहले 17 जनवरी को गर्भगृह में स्थापित की जाने वाली 200 किलोग्राम वजनी रामलला की नई मूर्ति जन्मभूमि मंदिर परिसर में लाई गई थी। इस दौरान मूर्ति को परिसर का भ्रमण कराया जाना था, लेकिन भारी होने के कारण इसकी जगह रामलला की 10 किलो चांदी की मूर्ति को परिसर में घुमाया गया।
कर्नाटक के मूर्तिकार ने बनाई है रामलला की मूर्ति
17 जनवरी को गर्भगृह में स्थापित होने वाली रामलला की 200 किलो वजन की नई मूर्ति को जन्मभूमि मंदिर परिसर लाया गया था। लेकिन मूर्ति भारी होने के कारण इसकी जगह रामलला की 10 किलो की चांदी की मूर्ति परिसर में घुमाई गई। गर्भगृह में रामलला की खड़ी प्रतिमा स्थापित होगी। जिसका वजन करीब 150 से 200 किलो है। इस प्रतिमा को कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाया है। क्रेन की मदद से रामलला की मूर्ति को मंदिर परिसर में लाया गया।
रामलला की आंखों पर बांधी गई पट्टी
अनुष्ठान के पहले दिन मंगलवार (16 जनवरी) को 3 घंटे तक प्रायश्चित पूजा हुई। मुख्य यजमान डॉ. अनिल मिश्र ने सरयू में स्नान किया। मूर्ति निर्माण स्थल की भी पूजा की गई। इसके साथ ही चयनित मूर्ति का शुद्धिकरण भी किया गया। इसके बाद रामलला की आंखों पर पट्टी बांधी गई, जो 22 जनवरी को खोली जाएगी। पिछले 70 सालों से पूजित वर्तमान प्रतिमा को भी नए मंदिर के गर्भगृह में ही रखा जाएगा।
पीएम मोदी की देशवासियों से खास अपील
रामलला प्राण प्रतिष्ठा के लिए 22 जनवरी 2024 को शुभ मुहूर्त निकाला गया है। पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे इस दिन अपने-अपने घरों में दीपक जलाएं और रामलला का स्वागत करें।




















