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MP के शिवपुरी में रुका अतीक अहमद काफिला, गैंगस्टर बोला- मुझे डर नहीं लग रहा

MP के शिवपुरी में रुका अतीक अहमद काफिला, गैंगस्टर बोला- मुझे डर नहीं लग रहा
भोपाल। उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी गैंगस्टर अतीक अहमद को यूपी पुलिस गुजरात की साबरमती जेल से प्रयागराज लेकर जा रही है। काफिला एमपी के शिवपुरी में भी रुका, यहां से फिर वो झांसी के लिए निकला। पुलिस 1300 किलोमीटर की दूरी करीब 22-24 घंटे में तय करेगी। उसे 6 गाड़ियों के काफिले से यूपी के प्रयागराज ले जाया जा रहा है, जिनमें 2 वज्र वाहन भी हैं। उमेश पाल के अपहरण मामले में आरोपी अतीक की मंगलवार को कोर्ट में पेशी होनी है।

28 मार्च को है कोर्ट में पेशी

प्रयागराज लाने के दौरान अतीक STF की वैन में करीब 1300 किलोमीटर का रास्ता तय करेगा। सफर 22 से 24 घंटे का है। पुलिस के काफिले ने रविवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे (13 घंटे) तक 780 किमी का सफर तय कर लिया है। बता दें, यह काफिला गुजरात से होकर राजस्थान, मध्यप्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगा। काफिले की सुरक्षा के लिए दो वैन में करीब 30 हथियारबंद जवान मौजूद हैं। अतीक को प्रयागराज के एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में 28 मार्च को पेश किया जाएगा।

उमेश पाल की किडनैपिंग मामले में होगी सुनवाई

28 मार्च को अतीक की कोर्ट में पेशी उमेश पाल की किडनैपिंग मामले में होनी है। फरवरी 2006 में उमेश पाल की किडनैपिंग के बाद हुई FIR मामले में कोर्ट फैसला सुनाएगा। 2007 में उमेश ने अतीक और उसके साथियों के खिलाफ अपहरण के इस मामले को लेकर केस दर्ज कराया था। उस समय राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार थी।

मध्य प्रदेश में रुका काफिला

सोमवार सुबह करीब 6.30 बजे अतीक अहमद का काफिला मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते हुए शिवपुरी के रामनगर टोल प्लाजा से गुजरा। अतीक अहमद को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बैन से नीचे उतारा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान अतीक ने मूंछ पर ताव देते हुए कहा कि- मुझे कोई डर नहीं लग रहा है। यहां से काफिला झांसी की तरफ रवाना हो गया।

उमेश पाल की घर के सामने हुई थी हत्या

दरअसल, 24 फरवरी 2023 को करीब 5 शूटर्स ने उमेश पाल के घर सामने ही उनकी हत्या कर दी थी। हमलावरों ने उन पर उस वक्त हमला किया जब वो कोर्ट से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे गाड़ी से बाहर निकले तो 4-5 हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इसके बाद जब वह घर के अंदर भागे, तो बम से हमला कर दिया। हमले में उनके दो गनर भी घायल हुए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सरकार द्वारा उमेश पाल की सुरक्षा में दोनों गनर तैनात किए गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपियों ने 7 शूटर्स को बैकअप के लिए भी रखा था।

अतीक अहमद पर साजिश का आरोप

उमेश पाल की हत्या का आरोप साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद पर लग रहा है। पुलिस को शक है कि जेल में रहते हुए अतीक ने इस हत्याकांड की साजिश रची थी। दरअसल, अतीक अहमद राजूपाल हत्या कांड का मुख्य आरोपी है। इसके अलावा पुलिस के मुताबिक, उमेश पाल का एक जमीन को लेकर भी अतीक अहमद के साथ विवाद चल रहा था।

राजू पाल हत्याकांड में मुख्य गवाह थे उमेश

शहर पश्चिम के विधायक रहे राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को धूमनगंज इलाके में हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी पूजा पाल कौशाम्बी की चायल सीट से सपा की विधायक हैं। उमेश, बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे। वह राजू पाल की पत्नी पूजा पाल की सगी बुआ का लड़का था। राजू पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी माफिया से नेता बना अतीक अहमद है, जो वर्तमान में गुजरात जेल में बंद है। राजू पाल हत्याकांड की जांच CBI ने की थी, जिसमें उमेश पाल मुख्य गवाह थे। यही वजह है कि उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी मिली थी। ये भी पढ़ें- UP News: राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या, हमलावरों ने कोर्ट से घर तक किया पीछा; हिरासत में अतीक अहमद के दोनों बेटे
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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