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विधानसभा में हंगामा : जबलपुर में अधिकारी की फर्जी डिग्री का मामला गरमाया, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से किया वॉक आउट

विधानसभा में हंगामा : जबलपुर में अधिकारी की फर्जी डिग्री का मामला गरमाया, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से किया वॉक आउट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को जबलपुर स्थित विक्टोरिया हॉस्पिटल के एक अधिकारी की फर्जी शैक्षणिक योग्यता को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया द्वारा उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए।

    विवाद उस वक्त बढ़ गया जब उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र कुमार शुक्ला ने कहा कि उनके पास मौजूद जांच रिपोर्ट में अधिकारी की योग्यता फर्जी नहीं पाई गई है, जबकि शिक्षा मंत्री ने सदन में फर्जी प्रमाणपत्र की पुष्टि की थी।

    इस जवाब से नाराज होकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक अजय सिंह और अन्य कांग्रेस विधायक सदन से वॉक आउट कर गए। 

    फर्जी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नौकरी

    कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से आरोप लगाया कि जबलपुर के विक्टोरिया हॉस्पिटल में पदस्थ एक वरिष्ठ अधिकारी ने फर्जी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नौकरी पाई है।

    उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी सरकार को पहले से थी और शिक्षा मंत्री ने भी पुष्टि की है कि अधिकारी की डिग्री वैध नहीं है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।

    सरकार की सफाई और मतभेद

    इस मामले पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र कुमार शुक्ला ने कहा कि उनके पास जो रिपोर्ट उपलब्ध है, उसमें अधिकारी की डिग्री फर्जी नहीं पाई गई है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार मामले को दबाना चाहती है। ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारी पर मंत्री की विशेष कृपा है। 

    विधायक अजय सिंह और अन्य कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह गंभीर मामला है और सरकार की चुप्पी दर्शाती है कि वह भ्रष्टाचार और अनियमितता को संरक्षण दे रही है।

    कांग्रेस का वॉक आउट

    सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, वे चुप नहीं बैठेंगे। सदन में विपक्ष की यह प्रतिक्रिया स्पष्ट संकेत देती है कि विधानसभा के आने वाले सत्रों में भी यह मुद्दा गरमाने वाला है।

    इन मुद्दो पर भी चर्चा

    ग्वालियर किले में होटल खोलने का विरोध

    विधायक अभिलाष पांडे ने ग्वालियर किले में होटल खोलने के प्रस्ताव का विरोध किया। संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और किले की ऐतिहासिक पहचान को कोई खतरा नहीं है।

    पुरानी पेंशन योजना पर स्थिति स्पष्ट

    कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल द्वारा पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने का प्रश्न उठाया गया। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जवाब में कहा कि इस विषय पर कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

    ये है पेश किए गए विधेयक

    1. मध्यप्रदेश जन विकास अधिनियम संशोधन विधेयक 2025- MSME मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने प्रस्तुत किया।

    2. मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक 2025 – परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह द्वारा पेश किया गया।

    3. मध्यप्रदेश माध्यम अधिकरण एवं विधिक सहायता निरसन विधेयक 2025-  राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने पेश किया।

    4. मेट्रोपॉलिटन सिटी एक्ट-  नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने चर्चा के लिए प्रस्तुत किया।

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    Vaishnavi Mavar
    By Vaishnavi Mavar

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