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Assam Earthquake : असम के तेजपुर में सुबह-सुबह कांपी धरती, भूकंप के झटकों से दहशत में लोग; जानें रिक्टर स्केल पर तीव्रता

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Assam Earthquake : असम के तेजपुर में सुबह-सुबह कांपी धरती, भूकंप के झटकों से दहशत में लोग; जानें रिक्टर स्केल पर तीव्रता
गुवाहाटी। असम के तेजपुर जिले में बुधवार (27 दिसंबर) सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता 3.4 बताई जा रही है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर असम के तेजपुर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से 20 किलोमीटर की गहराई में था। फिलहाल, भूकंप से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

छत्तीसगढ़, लेह-लद्दाख और जम्मू-कश्मीर हिली थी धरती

इससे पहले मंगलवार (26 दिसंबर) को छत्तीसगढ़, लेह-लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप आया था। वहीं छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में दोपहर 2:50 बजे 3.3 तीव्रता का भूकंप आया। लद्दाख के लेह में सुबह 4:33 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.5 दर्ज की गई। सोमवार 25 दिसंबर की रात 1:10 बजे जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 रही।

जापान के होक्काइडो क्षेत्र में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया

वहीं जापान के होक्काइडो क्षेत्र में मंगलवार को 22:53 (जीएमटी) पर 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। जीएफजेड जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने यह जानकारी दी। भूकंप का केंद्र, 65.5 किमी की गहराई के साथ शुरू में 41.98 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 142.39 डिग्री पूर्वी देशांतर पर निर्धारित किया गया।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

  • 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है।
  • वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है।
  • 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो।
  • 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
  • 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है।
  • 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है।
  • 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है।
  • 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
  • 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।
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Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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