रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरे का मुख्य फोकस नक्सलवाद के खात्मे पर होगा। उनके आगमन को लेकर प्रदेश बीजेपी के नेताओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस दौरे के दौरान वे विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का हिस्सा भी बनेंगे। उनका यह दौरा राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और एक निजी होटल में रुकेंगे। शनिवार को वे कई कार्यक्रम में व्यस्त रहेंगे। वे सुबह 11:00 बजे रायपुर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। फिर दोपहर 12:10 बजे जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद 12:35 बजे सिरहासार भवन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और फिर वे सीधे विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा महोत्सव का हिस्सा बनेंगे। यहां वे आदिवासी प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और मिशन 2026 के तहत नक्सल उन्मूलन की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
अमित शाह ने देश से नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक खत्म करने की डेडलाइन दी है। इसके चलते दो दिन पहले ही बीजापुर जिले में 103 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। जिनमें 49 पर 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार का इनाम था। यह घटना गृहमंत्री के उस कड़े संदेश को बल देती है। जिसमें उन्होंने कहा था कि नक्सली सरेंडर करें तो रेड कार्पेट पर स्वागत होगा वरना गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा। इसके बाद से बस्तर में ऑपरेशन तेज हो गए हैं। इस साल जनवरी से अब तक 137 माओवादी मारे गए हैं। वहीं, 421 गिरफ्तार हुए हैं और 410 ने हथियार डाले हैं।
गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए रायपुर से जगदलपुर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। BSF और पुलिस प्रशासन पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा की कमान संभाले हुए हैं। रायपुर से लेकर जगदलपुर तक हर जगह सुरक्षा बल तैनात हैं। ताकि किसी तरह की कोई चूक न हो। साथ ही विधानसभा चुनाव की नजदीकी को देखते हुए बस्तर में शाह की उपस्थिति राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है।