झरनों और पहाड़ों के बीच हठ योग दे रहा मन को सुकून, साउंड हीलिंग से संतुलित हो रहे चक्र
वर्ल्ड हीलिंग डे आज: भोपाल व अन्य जिलों के पर्यटन स्थलों पर जाकर किया जा रहा मेडिटेशन

प्रीति जैन- हर साल लोगों को उनके शरीर के प्रति जागरूक करने के लिए दुनिया भर में वर्ल्ड हीलिंग डे मनाया जाता है। इसका लक्ष्य तन और मन दोनों को सेहतमंद रखना, शांति और आंतरिक विशुद्धि यानी इंटरनल डिटॉक्स करना है। हीलिंग टेक्निक्स अपनाकर हर इंसान अपने भीतर के इमोशंस को बैलेंस कर सकता है साथ ही तमाम तरह की बीमारियों पर अपने चक्रों पर काम करके राहत पा सकता है।
इसके तहत हठ योग, साउंड हीलिंग, चक्र एक्टिवेशन, चक्र से ब्लॉकेज हटाना, योग, मेडिटेशन समेत कई प्रकार के मेंटल और फिजिकल वर्कआउट कराए जाते हैं। अब हीलिंग टूरिज्म भी शहर में शुरू हो चुका है, जिसमें सर्टिफाइड ट्रेनर्स लोगों को जंगल, नदियों और पहाड़ों के बीच ले जाकर योग व एडवेंचर एक्टिविटीज कराते हैं। वहीं साउंड हीलिंग से बीमारियों के इलाज के साथ ही साउंड वेव्स के जरिए खुद को हील करते हैं।
तामिया, मढ़ई, पचमढ़ी में कराते हैं हठ योग
लोगों में अब इतनी अवेयरनेस आने लगी है कि वे हठ योग सीखने के लिए हमारे साथ तामिया, पचमढ़ी, ऋषिकेश, उज्जैन, मढ़ई तक जाते हैं। वहां उनके दिन की शुरुआत योगासन, प्राणायाम, मेडिटेशन से होती है। हम नदी के किनारे तो कभी नाव में बिठाकर मेडिटेशन कराते हैं, तो लोगों को जंगल की आवाजें, पानी का साउंड बहुत सुकून पहुंचता है। मंत्रों के जाप के जरिए वे आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं। योग का मतलब स्ट्रेचिंग नहीं है बल्कि यह इंटरनल हीलिंग का काम करता है। हमारे गुस्से, चिड़चिड़ेपन, रिश्ते, एकाग्रता और बहुत सारी समस्याओं के निदान देता है। अगले तीन-चार दिन पावर मेडिटेशन, सूर्य क्रिया, चित्त शक्ति पर काम करते हैं। बच्चों से लेकर बड़े और पूरी की पूरी फैमिली साथ में आकर इस आंतरिक विशुद्धि को महसूस करतीं हैं। -साक्षी प्रगट, द डिवाइन विटनेस





















