दिवाली स्पेशल: 12 साल से बस्तियों के बच्चों की दिवाली रोशन कर रही अद्भुत कम्युनिटी - धनतेरस से देवउठनी ग्यारस तक बांटती है खुशियां

इंदौर। दिवाली पर हर घर रोशनी से जगमगाता है। कहीं मिठाइयां बांटी जाती हैं, तो कहीं बच्चे नए कपड़ों और पटाखों के साथ त्योहार मनाते हैं। लेकिन शहर की कुछ बस्तियों में ऐसे बच्चे भी हैं, जिनके लिए त्योहार की खुशियां जुटाना आसान नहीं होता।
ऐसे बच्चों के बीच अद्भुत कम्युनिटी पिछले 12 साल से दिवाली की खुशियां बांट रही है। संस्था के सदस्य अपनी खुशियों में इन बच्चों को शामिल कर उन्हें अपनेपन का एहसास कराते हैं।
धनतेरस से देवउठनी ग्यारस तक बांटते हैं खुशियां
संस्था के संस्थापक सिद्धार्थ जैन बताते हैं कि कम्युनिटी में 158 सदस्य हैं और करीब 270 बच्चे इससे जुड़े हैं। धनतेरस से देवउठनी ग्यारस तक सदस्य शेखर नगर, देवगुराड़िया सहित शहर की कई झुग्गी बस्तियों में जाकर बच्चों के साथ दिवाली मनाते हैं।
इस दौरान बच्चों को मिठाई, नए कपड़े और पटाखे दिए जाते हैं। वहीं, बुजुर्गों को राशन और मिठाई तथा महिलाओं को नई साड़ियां भेंट की जाती हैं। सभी सदस्य मिलकर आयोजन का खर्च उठाते हैं।
बच्चों की उदासी देख शुरू किया खुशियां बांटने का सिलसिला
सिद्धार्थ बताते हैं कि करीब 12 साल पहले वे दोस्तों के साथ घूमने निकले थे। इस दौरान एक बस्ती में दिवाली के दिन बच्चों को उदास बैठे देखा। पूछने पर पता चला कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके घरों में त्योहार की कोई खास तैयारी नहीं थी। उसी दिन तय किया कि अपनी खुशियों में इन बच्चों को भी शामिल करेंगे। तब से यह सिलसिला लगातार जारी है।
त्योहार के साथ पढ़ाई में भी सहयोग
संस्था का काम केवल दिवाली तक सीमित नहीं है। सदस्य सालभर बच्चों की पढ़ाई में भी सहयोग करते हैं। जरूरतमंद और पढ़ाई में अच्छे बच्चों की फीस जमा कराने में मदद करते हैं।
पांच साल से संस्था के साथ दिवाली मना रही खुशी
बच्ची खुशी सांखला बताती है कि उसे दिवाली पर पटाखों, नए कपड़ों और मिठाइयों का इंतजार रहता है। वह पिछले पांच साल से संस्था के साथ त्योहार मना रही है। उसके लिए सबसे खास बात सभी बच्चों का एक साथ जुटना और मिलकर पटाखे जलाना है। अब उसे हर साल संस्था के सदस्यों के आने का इंतजार रहता है। उनके साथ दिवाली मनाकर उसे लगता है कि त्योहार की खुशियों में वह अकेली नहीं है।




















