दिवाली स्पेशल: 26 सालों से बस्तियों के बच्चों की दिवाली रोशन कर रहे आशीष ठाकुर, धनतेरस से पहले बांटते हैं खुशियां

सिद्धार्थ तिवारी, जबलपुर। दीपावली का त्योहार हर किसी के जीवन में खुशियों और रोशनी का संदेश लेकर आता है। घरों में दीप जलते हैं, बच्चे पटाखे फोड़ते हैं और परिवार मिठाइयों के साथ त्योहार मनाते हैं। लेकिन समाज में ऐसे भी अनेक बच्चे हैं, जिनके लिए आर्थिक तंगी के कारण दीपावली की खुशियां महज एक सपना बनकर रह जाती हैं। ऐसे ही बच्चों के जीवन में खुशियों के रंग भरने का काम मोक्ष मानव सेवा एवं जनउत्थान समिति के संस्थापक आशीष ठाकुर पिछले 26 वर्षों से लगातार कर रहे हैं।
बच्चों को सालभर रहता है इंतजार
आशीष ठाकुर धनतेरस से एक दिन पहले अपने सहयोगियों के साथ वाहनों में दीपावली के उपहारों के पैकेट लेकर शहर की विभिन्न बस्तियों में पहुंचते हैं। उन्हें देखते ही बच्चों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठती है।
बच्चे पहले से ही उनके आने का इंतजार करते रहते हैं। उपहार मिलते ही उत्साहित बच्चे खुशी-खुशी अपने घरों की ओर दौड़ पड़ते हैं। यह सिलसिला पिछले 26 वर्षों से निरंतर जारी है। बच्चों के साथ दीपावली मनाना और उनकी मुस्कान देखना ही आशीष ठाकुर तथा उनके सहयोगियों के लिए सबसे बड़ा संतोष है।
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मिठाई के साथ दीप जलाने की सामग्री भी
संस्था की ओर से प्रत्येक बच्चे को दिए जाने वाले पैकेट में मिठाई, फुलझड़ी, चकरी, रंगोली, पांच दीपक, बाती और तेल रखा जाता है, ताकि बच्चे भी अपने परिवार के साथ दीपावली का त्योहार उत्साह से मना सकें।
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बस्तियों से अस्पताल तक पहुंचती हैं खुशियां
इस सेवा अभियान के तहत परसवाड़ा और तिलवारा क्षेत्र सहित शहर की विभिन्न बस्तियों के बच्चों, सड़कों पर भीख मांगने वाले बच्चों तथा मेडिकल अस्पताल में बीमार परिजनों के साथ आए जरूरतमंद बच्चों को उपहार दिए जाते हैं। हर साल 100 से अधिक बच्चों तक ये खुशियां पहुंचाई जाती हैं। संस्था का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे की दीपावली की मुस्कान न छीन सके।




















