
भोपाल। बैरसिया तहसील के इजगिरी गांव में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद 7 बच्चे फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सभी बच्चे 3 से 5 साल की उम्र के हैं। आंगनवाड़ी में बच्चों को दाल-रोटी और लप्सी परोसी गई थी। खाना खाने के कुछ देर बाद बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी।
7 बच्चों की तबीयत बिगड़ी
दरअसल, गांव की आंगनवाड़ी में 15 से अधिक बच्चों ने मिड-डे मील खाया था, जिसमें से 7 बच्चों की तबीयत खराब हो गई। बैरसिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 6 बच्चों को भर्ती किया गया, जबकि गंभीर स्थिति में एक बच्चे को भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया। बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा मौके पर पहुंचे और बच्चों की जांच करवाई। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर सभी बच्चों की जांच कराई गई है।
इन बच्चों को हुआ फूड पॉइजनिंग
कीर्तिका (4) पिता शिवनारायण, नायरा (3) पिता उधम सिंह, वैशाली (4) पिता भैयालाल, विराट (5) पिता रमेश, प्रिंस (4) पिता धर्मेंद्र, परी (5) पिता धर्मेंद्र, ऋषभ (4) पिता विनोद, इनमें से प्रिंस की हालत गंभीर बताई गई, जिसे हमीदिया अस्पताल भेजा गया।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी बच्चों की जांच कराई गई है। सभी बच्चों की हालत ठीक है। एहतियातन उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। आंगनवाड़ी में मिड-डे मील प्रोवाइड कराने वाले बालाजी स्व सहायता समूह को हटा दिया गया है। तहसीलदार करुणा दंडोतिया ने बताया कि सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
बालाजी स्व सहायता समूह को हटाया
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। एसडीएम आशुतोष शर्मा, तहसीलदार करुणा दंडोतिया और बीएमओ ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। प्रभावित बच्चों का इलाज शुरू कर दिया गया है। आंगनवाड़ी में मिड-डे मील प्रोवाइड कराने वाले बालाजी स्व सहायता समूह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। वहीं घटना के लिए जिम्मेदार मिड-डे मील के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
प्रशासन ने आंगनवाड़ी और शासकीय माध्यमिक शाला में भोजन की गुणवत्ता की सख्त जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं कलेक्टर ने बताया कि सभी बच्चों की हालत अब स्थिर है। एहतियातन उन्हें अस्पताल में निगरानी में रखा गया है।
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