Earthquake : जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में फिर हिली धरती, 24 घंटों में 5 बार आया भूकंप; दो तेज झटके तो 11 मिनट के अंतराल पर

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Earthquake : जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में फिर हिली धरती, 24 घंटों में 5 बार आया भूकंप; दो तेज झटके तो 11 मिनट के अंतराल पर
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। पिछले 24 घंटों के भीतर जम्मू-कश्मीर में 5 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.5 रही। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर में तो महज 11 मिनट के अंतराल पर ही लगातार दो भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके लद्दाख में भी महसूस किए गए हैं। हालांकि, भूकंप के बाद किसी को जान-मान का नुकसान नहीं हुआ है।

5 बार कांपी धरती

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, सबसे पहले भूकंप जम्मू-कश्मीर में शनिवार को दोपहर 2 बजकर 3 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 3.0 थी। वहीं दूसरे भूकंप के झटके लेह में किए गए, जो शनिवार रात करीब 9.44 बजे आया। इसकी तीव्रता 4.5 थी। इसके ठीक 10 मिनट बाद यानी 9.55 पर तीसरी एक बार भूकंप महसूस किया गया। ये भारत-चीन बॉर्डर के पास जम्मू-कश्मीर के डोडा में रात 9 बजकर 55 मिनट पर आया, इस भूकंप की तीव्रता 4.4 रही। https://twitter.com/NCS_Earthquake/status/1670199217804152833 इसके बाद पूर्वोत्तर लेह लद्दाख में आया चौथा भूकंप, रविवार तड़के 2 बजकर 16 मिनट पर महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 4.1 थी। इसके बाद फिर पांचवा भूकंप जम्मू-कश्मीर के कटरा में रविवार तड़के 3 बजकर 50 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता भी दोबारा 4.1 ही रही।

डोडा जिले में 5 दिनों में 7वां भूकंप

जानकारी के मुताबिक, पिछले 5 दिनों में डोडा जिले में 7 सातवां भूकंप था। इसके साथ ही चिनाब घाटी में 8 घंटे के अंदर 3.0 तीव्रता और 4.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। अगर पिछले एक हफ्ते की बात की जाए तो खासकर डोडा, किश्तवाड़ और रामबन में यह झटके महसूस किए गए।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

• 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है। • वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है। • 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो। • 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं। • 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है। • 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। • 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है। • 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी। • 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है। राष्ट्रीय की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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