अनूपपुर में 220 करोड़ के CSR घोटाले की जांच, मुंबई CID ने स्वास्थ्य विभाग और SECL अधिकारियों को थमाए नोटिस

अनूपपुर। देशभर में उजागर हुए करीब 220 करोड़ रुपए के सीएसआर मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच की आंच मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले तक पहुंच गई है। सीआईडी मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जमुना-कोतमा क्षेत्र में दबिश देकर सीएसआर फंड में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच एजेंसी ने फर्जीवाड़े के संदेह में स्वास्थ्य विभाग और एसईसीएल के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस थमाए हैं।
हेल्थ कैंप के नाम से राशि का गबन
जांच के केंद्र में एसईसीएल बिलासपुर जोन द्वारा स्वीकृत करीब 3.87 करोड़ रुपए का सीएसआर फंड है। आरोप है कि यह राशि अनूपपुर, रायगढ़, सूरजपुर और बिलासपुर क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के नाम पर एनजीओ को जारी की गई थी। एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या ये हेल्थ कैंप वास्तव में आयोजित हुए थे या सिर्फ कागजों में खानापूर्ति कर सरकारी राशि का गबन किया गया।
सीआईडी ने स्वास्थ्य शिविरों के लिए जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को लेकर जिला क्षय रोग अधिकारी (DTO) व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CHMO) को तलब किया है, साथ ही एसईसीएल जमुना-कोतमा के सीएसआर कार्यालय से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले के तार झारखंड, ओडिशा, गुजरात और छत्तीसगढ़ से जुड़े संगठित सिंडिकेट से जुड़ रहे हैं।
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पूरे रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है
सीएसआर फंड में अनियमितता की जांच के सिलसिले में अनूपपुर स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से स्वास्थ्य शिविरों की एनओसी व अनुमति दस्तावेजों को लेकर जवाब मांगा गया है। नोटिस जारी कर पूरे रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
-सईद, इंस्पेक्टर, सीआईडी मुंबई क्राइम ब्रांच
मुंबई सीआईडी की ओर से स्वास्थ्य शिविरों के संबंध में पत्राचार हुआ है। विभाग द्वारा पूर्व में जारी अनुमतियों और कैंप संबंधी आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जा रही है।
-वैभव, प्रोजेक्ट मैनेजर, अनूपपुर




















